उत्तराखंड के बॉक्सिंग टैलेंट पर मैरी कॉम की नजर

देहरादून (उत्तराखंड): ओलंपिक पदक विजेता विश्व विख्यात मुक्केबाज और पूर्व राज्यसभा सदस्य मैरी कॉम ने उत्तराखंड दौरे के दौरान राज्य में खेलों के विकास और युवा खिलाड़ियों को बेहतर अवसर उपलब्ध कराने को लेकर महत्वपूर्ण पहल के संकेत दिए हैं. इसी क्रम में उन्होंने सचिवालय में प्रमुख सचिव मुख्यमंत्री आर के सुधांशु से शिष्टाचार भेंट की. इस दौरान राज्य में खेल प्रतिभाओं को आगे बढ़ाने, खेल सुविधाओं को सुदृढ़ करने और युवाओं को खेलों के प्रति प्रोत्साहित करने के लिए विभिन्न संभावनाओं पर विस्तृत चर्चा की गई.

बैठक में कॉर्पोरेट क्षेत्र और गैर-सरकारी संगठनों (एनजीओ) के सहयोग से खेल क्षेत्र में युवाओं को प्रोत्साहन देने तथा उनकी प्रतिभाओं के विकास के लिए नए मॉडल विकसित करने पर विचार-विमर्श हुआ. चर्चा का मुख्य उद्देश्य यह रहा कि किस प्रकार राज्य के दूरस्थ और ग्रामीण क्षेत्रों में मौजूद प्रतिभाशाली खिलाड़ियों तक संसाधन और अवसर पहुंचाए जा सकते हैं, ताकि वे राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बना सकें.

बैठक के दौरान उत्तराखंड में खेलों के लिए उपलब्ध आधारभूत ढांचे, प्रशिक्षण सुविधाओं और खिलाड़ियों के लिए उपलब्ध अवसरों पर भी चर्चा हुई. इस बात पर विशेष जोर दिया गया कि प्रदेश में खेलों के प्रति सकारात्मक वातावरण तैयार करने के लिए केवल सरकारी प्रयास ही पर्याप्त नहीं हैं, बल्कि निजी क्षेत्र और सामाजिक संगठनों की भागीदारी भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है. इसी सोच के तहत खेल विकास के लिए साझेदारी आधारित मॉडल को बढ़ावा देने की आवश्यकता पर सहमति बनी. प्रमुख सचिव मुख्यमंत्री आर के सुधांशु ने राज्य सरकार की खेल विकास संबंधी प्राथमिकताओं और योजनाओं की जानकारी साझा की.

उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री के नेतृत्व में प्रदेश सरकार युवाओं को खेलों से जोड़ने और उन्हें बेहतर मंच उपलब्ध कराने के लिए लगातार प्रयास कर रही है. राज्य में खेल अवस्थापना सुविधाओं को मजबूत करने के साथ-साथ खिलाड़ियों को प्रशिक्षण, कोचिंग और प्रतियोगिताओं में भागीदारी के अवसर उपलब्ध कराने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है. बैठक में इस बात पर भी विचार किया गया कि खेलों के क्षेत्र में सफल खिलाड़ियों और विशेषज्ञों के अनुभव का लाभ युवा प्रतिभाओं तक कैसे पहुंचाया जाए. मैरी कॉम जैसी अंतरराष्ट्रीय स्तर की खिलाड़ी का अनुभव और मार्गदर्शन युवा खिलाड़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बन सकता है.

इस दिशा में भविष्य में विभिन्न कार्यक्रमों, प्रशिक्षण शिविरों और प्रेरक सत्रों के आयोजन की संभावनाओं पर भी चर्चा की गई. मैरी कॉम ने उत्तराखंड के युवाओं में मौजूद खेल प्रतिभा की सराहना करते हुए कहा कि पर्वतीय राज्यों के खिलाड़ियों में अनुशासन, मेहनत और संघर्ष की क्षमता स्वाभाविक रूप से होती है. यदि उन्हें उचित प्रशिक्षण, संसाधन और मार्गदर्शन मिले तो वे राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर सकते हैं. उन्होंने राज्य में खेलों के विकास के लिए अपने स्तर पर सहयोग देने की इच्छा भी व्यक्त की.चर्चा के दौरान विशेष रूप से बॉक्सिंग सहित अन्य खेलों में प्रतिभा विकास की संभावनाओं पर भी विचार किया गया.

उत्तराखंड ने पिछले कुछ वर्षों में विभिन्न खेलों में कई प्रतिभाशाली खिलाड़ी देश को दिए हैं. ऐसे में खेलों के लिए अनुकूल वातावरण तैयार कर और बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराकर राज्य को खेल प्रतिभाओं की नई नर्सरी के रूप में विकसित किया जा सकता है. बैठक में मुख्यमंत्री के विजन के अनुरूप खेल संस्कृति को मजबूत बनाने पर विशेष जोर दिया गया. इस दृष्टिकोण का उद्देश्य केवल पदक जीतना नहीं, बल्कि युवाओं को स्वस्थ जीवनशैली, अनुशासन और सकारात्मक सोच से जोड़ना भी है.

माना गया कि खेल युवाओं के व्यक्तित्व विकास का महत्वपूर्ण माध्यम हैं और इनके माध्यम से समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाया जा सकता है.उत्तराखंड सरकार पहले से ही विभिन्न खेल योजनाओं, खेल छात्रवृत्तियों और प्रशिक्षण कार्यक्रमों के माध्यम से खिलाड़ियों को प्रोत्साहित कर रही है. अब कॉर्पोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व (सीएसआर) और गैर-सरकारी संस्थाओं के सहयोग से इन प्रयासों को और व्यापक स्वरूप देने की संभावनाएं तलाशने की दिशा में यह बैठक महत्वपूर्ण मानी जा रही है.

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