एसयूवी ने पांच को कुचलकर मार डाला; पांच घायल

लखनऊ : गोंडा-लखनऊ हाईवे पर नरायनपुर भलियनपुरवा के पास बुधवार देर रात दर्दनाक हादसा हो गया। दो बाइकों की भिड़ंत में घायलों की मदद कर रहे लोगों को एसयूवी ने रौंद दिया। हादसे में सगे भाइयों समेत पांच लोगों की मौत हो गई, जबकि चार लोग गंभीर रूप से घायल हो गए।

मृतकों में गुलशन (25), संजय तिवारी, हसन मोहम्मद (40) इम्तियाज (27) और अंशुमान (10) शामिल हैं। घायलों अलताफ, तबरेज आलम, विनय सिंह और परवेज का सीएचसी करनैलगंज में इलाज चल रहा है। हसन और इम्तियाज सगे भाई थे। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, एसयूवी अनियंत्रित होकर भीड़ में घुस गई और बाद में डिवाइडर पार कर सड़क किनारे उतर गई। घटना के बाद इलाके में अफरातफरी मच गई। पुलिस ने वाहन की पहचान और हादसे के कारणों की जांच शुरू कर दी है।

त्यक्षदर्शियों के अनुसार, वाहन चालक ने नियंत्रण खो दिया और सड़क पर मदद कर रहे लोगों के समूह में घुस गया। टक्कर इतनी भीषण थी कि कई लोग दूर जा गिरे और मौके पर अफरा-तफरी मच गई। एसयूवी हादसे के बाद डिवाइडर पार करके दाहिने तरफ सड़क के नीचे पहुंच गई।

हादसे के बाद बड़ी संख्या में स्थानीय लोग घटनास्थल पर पहुंच गए। सभी घायलों को तत्काल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र करनैलगंज ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने चार लोगों को मृत घोषित कर दिया। मृतकों की पहचान गुलशन (25) निवासी नारायनपुर मांझा, संजय कुमार तिवारी निवासी तरहटा, हसन मोहम्मद (40) निवासी नारायनपुर मांझा और इम्तियाज (27) निवासी नारायनपुर मांझा के रूप में हुई है। घटना के बाद परिजनों में कोहराम मच गया और गांवों में मातम का माहौल है।

हादसे में अलताफ (32), तबरेज आलम (20), विनय सिंह (26), अंशुमान (10) और परवेज (17) गंभीर रूप से घायल हुए हैं। सभी का इलाज सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र करनैलगंज में चल रहा है। कुछ घायलों की हालत चिंताजनक बताई जा रही है। करनैलगंज के भाजपा विधायक अजय सिंह ने मौके पर पहुंचकर परिजनों से जानकारी ली है।कोतवाल नरेंद्र प्रताप राय ने बताया कि पुलिस ने दुर्घटना के कारणों और एसयूवी वाहन की पहचान के लिए जांच शुरू कर दी है। आसपास लगे सीसीटीवी फुटेज और प्रत्यक्षदर्शियों के बयान भी दर्ज किए जा रहे हैं।

नरायनपुर मांझा गांव में बुधवार की रात हुआ सड़क हादसा सिर्फ एक दुर्घटना नहीं, बल्कि कई परिवारों के लिए जिंदगी भर का दर्द छोड़ गया। गोंडा-लखनऊ मार्ग पर हुए इस भीषण हादसे में इम्तियाज अली और उनके सगे भाई हसन मोहम्मद की एक साथ मौत ने पूरे गांव को गहरे सदमे में डाल दिया है।दोनों भाई गांव में नाई की दुकान चलाकर परिवार का गुजारा करते थे। मेहनत-मजदूरी कर जीवन चलाने वाले इन दोनों की अचानक मौत की खबर जैसे ही गांव पहुंची, घर में चीख-पुकार मच गई। परिजन बेसुध हो गए और गांव में सन्नाटा पसर गया।

स्थानीय लोगों के अनुसार, दोनों भाई मिलनसार स्वभाव के थे और रोजमर्रा की जरूरतों के लिए सुबह से देर शाम तक दुकान पर रहते थे। हादसे के बाद से घर पर लोगों की भीड़ लगी है, लेकिन हर चेहरा गम में डूबा नजर आ रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि परिवार की पूरी जिम्मेदारी इन्हीं दोनों भाइयों पर थी। अब उनके जाने के बाद घर के सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो गया है।

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