बेटियों को भेड़ियों की तरह झपट्टा मारकर ले गए दरिंदे

लखीमपुर: लखीमपुर खीरी जिले के निघासन थाना इलाके के एक गांव में बुधवार शाम करीब छह बजे अनुसूचित जाति की दो सगी बहनों के शव पेड़ से लटके मिले। मां का कहना है कि शाम करीब पांच बजे उनके सामने ही एक पड़ोसी और तीन अन्य दोनों बेटियों को अगवा कर ले गए थे। घटना से गुस्साए परिजनों ने ग्रामीणों के साथ सदर चौराहे पर जाम लगा दिया। देर शाम आईजी लक्ष्मी सिंह ने आरोपियों पर कार्रवाई का आश्वासन दिया, तब जाकर जाम समाप्त हुआ।

आशंका जताई जा रही है कि तीन आरोपी दूसरे समुदाय के हैं। मां के मुताबिक दोनों नाबालिग बेटियां घर के बाहर लगी मशीन पर चारा काटने गईं थी। शाम करीब पांच बजे पड़ोसी गांव के तीन युवक बाइक पर सवार होकर आए और दोनों को जबरन बाइक पर बैठाकर भागने लगे।

मां ने शोर मचाते हुए बाइक सवारों का पीछा किया, लेकिन वे उन्हें धक्का देकर भाग निकले। शोर सुनकर गांव वाले भी इकट्ठा हो गए और आरोपियों की तलाश शुरू की। करीब एक घंटे बाद गांव के ही एक व्यक्ति के खेत में उनका शव खैर के पेड़ से लटका मिला।

लखीमपुर के निघासन में एक बाइक पर तीन सवार आए। दोनों बहनों को खींचा। बेटियों को उनके चंगुल से छुड़ाने के लिए मां भिड़ी तो उसे धक्का दे दिया और भेड़ियों की तरह बाइक पर टांग ले गए। यह किस्सा मृत बेटियों की मां ने बताया।

घटना के करीब पौन घंटे बाद बेटियों का खेत में फंदे से लटकते हुए शव देख मां-बाप पछाड़ खाकर जमीन पर गिर गए। मृतका की मां ने बताया कि बताया कि पड़ोसी गांव के तीनों आरोपी पड़ोस के एक घर में अक्सर आते-जाते थे और घर के आसपास चक्कर काटते थे। उसे उम्मीद न थी कि ऐसा भी हो सकता है।

अनुसूचित जाति के परिवार का घर गांव के उत्तरी छोर पर घर है, जहां से गन्ने के खेत शुरू हो जाते हैं। गांव की बस्ती थोड़ी दूरी पर है। बुधवार की शाम को बेटियों का पिता धान काटने गया था। घर पर उसकी बीमार पत्नी और दो नाबालिग बेटियां थीं।

मृतका की मां ने बताया कि शाम पांच बजे के करीब उनकी बड़ी बेटी (17) व छोटी बेटी (15) घर के बाहर लगी चारा मशीन पर जानवरों के लिए चारा काटने जा रही थी कि तभी सफेद बाइक पर सवार तीन युवक दोनों बेटियों को दबोचकर बाइक पर बैठा ले गए। बिटिया को बचाने की कोशिश में उसे भी चोटें आईं।

मां के शोर मचाने पर इकट्ठा हुए ग्रामीणों ने तलाश शुरू की तो 48 मिनट बाद 5 बजकर 48 मिनट पर गांव से करीब 700 मीटर की दूरी पर गन्ने के खेत में लगे खैर के पेड़ में दुपट्टे से लटके दोनों के शव मिले।

एक घंटे पहले जिंदा बेटियों के पौन घंटे में एक साथ शव देखकर परिजन पछाड़ खाकर वहीं गिर गए, जिस पर ग्रामीणों ने गमछे से उनको हवा की। रोते बिलखते मां ने बताया कि पड़ोस के गांव के तीन युवक उसके घर के आसपास से निकलते रहते थे, लेकिन कभी उसको अंदाजा नहीं था कि तीनों बेटी को अगवाकर मार डालेंगे।

वह दोनों बेटियों को पढ़ा-लिखाकर शिक्षक बनाना चाहती थी। घर की आर्थिक स्थिति सुधारने के लिए दो भाई दिल्ली में मजदूरी करते हैं। बताया कि बड़ी बेटी हाईस्कूल तो छोटी बेटी आठवीं में पढ़ती थी।

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