नई दिल्ली। सहारा रेगिस्तान के सुनसान इलाके में एक ट्रक के खराब हो जाने के बाद 49 लोगों की प्यास से तड़प-तड़पकर मौत हो गई। नाइजर के अगाडेज क्षेत्र के गवर्नरेट ने इस भयानक घटना की पुष्टि की है।मृतक सभी नाइजर के नागरिक थे, जो माली में एक मुस्लिम धार्मिक त्योहार मनाने के बाद अपने घर लौट रहे थे। ट्रक माली के तेलहान्देक शहर से रवाना हुआ था, लेकिन असमका बॉर्डर से लगभग 80 किलोमीटर दूर रेगिस्तान में रास्ता भटक गया और बीच रेगिस्तान में पूरी तरह खराब हो गया।
ट्रक खराब होने के बाद ड्राइवर, सहायकों और यात्रियों ने कई दिनों तक गाड़ी को ठीक करने की कोशिश की।
चिलचिलाती गर्मी और पानी की कमी के कारण यात्रियों का स्टॉक खत्म हो गया।बेहद प्रतिकूल परिस्थितियों में 49 लोग प्यास और थकान से तड़पते हुए मारे गए।राहत टीम को मौके पर ट्रक के आसपास और नीचे बिखरी हुई लाशें मिलीं। शवों को वहीं सामूहिक कब्रों में दफनाया गया।
दो यात्रियों ने हिम्मत नहीं हारी। उन्होंने झुलसाती गर्मी में 50 किलोमीटर पैदल चलकर पानी का स्रोत ढूंढा और असमका पहुंचकर प्रशासन को सूचित किया। उनकी सूचना पर भेजी गई राहत टीम ने बाकी लोगों तक पहुंचने की कोशिश की, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी।राहत टीम वापसी में एक और ट्रक को फंसा हुआ पाया, जिसमें 60 से ज्यादा लोग पिछले तीन दिनों से फंसे थे। उनकी गाड़ी की बैटरी खराब हो गई थी। टीम ने उन्हें पानी मुहैया कराया और गाड़ी ठीक कर सुरक्षित निकाला।
