चमोली: बदरीनाथ धाम एवं यात्रा मार्ग को स्वच्छ, सुंदर एवं प्लास्टिक मुक्त बनाने के उद्देश्य से गुरुवार को जिलाधिकारी गौरव कुमार की अध्यक्षता में समीक्षा बैठक आयोजित की गई. बैठक में मुख्य विकास अधिकारी अभिषेक त्रिपाठी, रिसाइकल कंपनी के प्रतिनिधि एवं वर्चुअल माध्यम से एसडीएम उपजिलाधिकारी ज्योतिर्मठ,अधिशासी अधिकारी बदरीनाथ उपस्थित रहे. उपजिलाधिकारी ज्योतिर्मठ चन्द्रशेखर वशिष्ठ ने जानकारी दी कि बदरीनाथ धाम एवं यात्रा मार्ग को प्लास्टिक मुक्त बनाने के लिए जिला प्रशासन एवं रिसाइकल कंपनी के मध्य औपचारिक अनुबंध किया गया है.
बैठक के दौरान जिलाधिकारी ने प्लास्टिक मुक्त अभियान को जनआंदोलन का स्वरूप देने पर विशेष बल दिया. उन्होंने निर्देशित किया रिसाइकल कंपनी के कार्मिक व्यापक स्तर पर प्रचार-प्रसार सुनिश्चित करें तथा प्लास्टिक बोतल पेय पदार्थों के थोक विक्रेताओं, दुकानदारों, होटल एवं रेस्टोरेंट संचालकों के साथ समन्वय स्थापित कर धाम में आने वाले तीर्थयात्रियों को जागरूक करें. उन्होंने कंपनी के प्रबंधन को अधिशासी अधिकारी के साथ समन्वय बनाते हुए अभियान को प्रभावी ढंग से संचालित करने के निर्देश दिए.
रिसाइकल कंपनी के प्रतिनिधि रोहित जोशी ने बताया कि प्लास्टिक निर्मित बोतलों पर क्यूआर कोड प्रणाली लागू की गई है. जिससे इनके संग्रहण एवं पुनर्चक्रण की प्रक्रिया को सुगम बनाया जा सके. उन्होंने बताया चिप्स, मैगी एवं अन्य प्लास्टिक पैकेट्स पर भी क्यूआर कोड लगाने का प्रस्ताव है. विगत वर्ष धाम क्षेत्र में आठ रिसाइक्लिंग सेंटर संचालित थे. आवश्यकता पड़ने पर इस वर्ष इनकी संख्या बढ़ाई जाएगी. इसके अतिरिक्त कंपनी द्वारा लगभग 60 कार्मिकों को इस अभियान में तैनात किया जायेगा.
कंपनी गोविंदघाट, बदरीनाथ धाम एवं माणा क्षेत्र में प्लास्टिक बोतल पेय पदार्थों के थोक विक्रेताओं, दुकानों, होटल एवं रेस्टोरेंट संचालकों को न्यूनतम 10 रुपये के क्यूआर कोड उपलब्ध कराए गए हैं. साथ ही इन क्षेत्रों में डिपॉजिट रिफंड काउंटर स्थापित किए गए हैं. जहां यात्री क्यूआर कोड युक्त खाली बोतल जमा कर निर्धारित धनराशि वापस प्राप्त कर सकेंगे.
जिलाधिकारी ने आमजन एवं तीर्थयात्रियों से अपील की कि वे प्लास्टिक मुक्त बदरीनाथ धाम के संकल्प को सफल बनाने में सक्रिय सहयोग प्रदान करें. प्लास्टिक का उपयोग न्यूनतम करें. उपयोग के पश्चात निर्धारित काउंटरों पर जमा कर पर्यावरण संरक्षण में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएं. उन्होंने कहा सभी के सामूहिक प्रयासों से ही स्वच्छ एवं हरित धाम का लक्ष्य प्राप्त किया जा सकता है.
