100 करोड़ टीकाकरण के बाद देश में बढ़ा विश्वास:पीएम मोदी

नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज अपने मासिक रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ के 82वें संस्करण पर राष्ट्र को संबोधित कर रहे हैं। इस दौरान पीएम मोदी ने 100 करोड़ टीकाकरण के लिए देशवासियों को बधाई दी। पीएम ने कहा कि 100 करोड़ वैक्सीन के लक्ष्य को पार करने के बाद आज देश नए उत्साह, नई ऊर्जा से आगे बढ़ रहा है। हमारे टीकाकरण कार्यक्रम की सफलता, भारत के सामर्थ्य को दिखाती है।

– हम 31 अक्टूबर को राष्ट्रीय एकता दिवस के रूप में मनाते हैं। हम सभी का दायित्व है कि हम एकता का संदेश देने वाली किसी न किसी गतिविधि से जरूर जुड़ें। अगले रविवार, 31 अक्तूबर को सरदार पटेल जी की जन्म जयंती है। मन की बात के हर श्रोता की तरफ से, और मेरी तरफ से, मैं, लौहपुरुष को नमन करता हूं : पीएम मोदी

– 100 करोड़ वैक्सीन डोज़ के बाद आज देश नए उत्साह और नई ऊर्जा से आगे बढ़ रहा है। हमारे वैक्सीन कार्यक्रम की सफलता भारत के सामर्थ्य को दिखाती है, सबके प्रयास के मंत्र की शक्ति को दिखाती है: पीएम मोदी

– हमारे स्वास्थ्यकर्मियों ने अपने अथक परिश्रम और संकल्प से एक नई मिसाल पेश की। उन्होंने इनोवेशन के साथ अपने दृढ़ निश्चय से मानवता की सेवा का एक नया मानदंड स्थापित किया: पीएम मोदी

मन की बात कार्यक्रम का प्रसारण आल इंडिया रेडियो के पूरे नेटवर्क, दूरदर्शन, एआइआर न्यूज और मोबाइल ऐप के साथ साथ आफिशियल यूट्यूब चैनल और ट्विटर पर किया जाएगा। मन की बात प्रधानमंत्री का मासिक रेडियो संबोधन है, जो हर महीने के आखिरी रविवार को प्रसारित होता है, लेकिन इस बार कार्यक्रम का प्रसारण महीने के दूसरे आखिरी रविवार को किया जा रहा है।

इससे पहले पीएम मोदी ने 26 सितंबर को मन की बात के 81वें एपिसोड में भारतीय संस्कृति में वर्षा जल संचयन के महत्व को रेखांकित किया था। पीएम मोदी ने जल-जीलानी एकादशी और छठ के पारंपरिक त्योहारों की तुलना राष्ट्रीय जल मिशन (एनडब्ल्यूएम) के अभियान कैच द रेन से की थी।

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उदय दिनमान’ एक वैचारिक आंदोलन भी है। इस आंदोलन का सरोकार आर्थिकी, राजनीति, समाज, संस्कृति, इतिहास व विकास से है। अकेले उत्तराखंड की बात करें तो यह क्षेत्र सदियों से न केवल धार्मिक आस्थाओं का केंद्र रहा है, बल्कि यह क्षेत्र मानव सभ्यता-संस्कृति का उद्गम स्थल भी समझा जाता रहा है। आधुनिक समय में विकास की अवधारणा के जन्म लेने के साथ हिमालयी समाज-संस्कृति को कई चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है। ये चुनौतियां हमारी संस्कृति पर निरंतर प्रहार कर इसे गहरा आघात पहुॅचाने में तुली हुई है। हालांकि, सामाजिक, शारीरिक, आर्थिक आदि कष्टों के बावजूद यह संस्कृति अपने ताने-बाने से छिन्न-भिन्न नहीं हो सकी है। मगर निरंतर जारी प्रहारों से एकबारगी चितिंत होना स्वाभाविक है। ‘उदय दिनमान’ का प्रयास है कि राजनीति, समाज, संस्कृति, इतिहास, विकास व आर्थिकी पर निरंतर हो रहे आघातों से जनमानस को सजग रखने का प्रयास किया जाए। यह कहकर हम कोई बड़ा दंभ नहीं भर रहे हैं। यह हमारा मात्र एक लघु प्रयास भर है। हमारी अपेक्षा व आकांक्षा है कि हमारे इस प्रयास में आपकी भागीदारी ही नहीं सुनिश्चित हो, बल्कि आपके विस्तृत अनुभवों, विचारों, सुझावों व गतिविधियों का लाभ ‘उदय दिनमान’ के द्वारा व्यापक जनमानस तक पहुंचे। उक्त क्रम में ‘उदय दिनमान’ के प्रयासों को बल प्रदान करने के निमित आप अपने अनुभवों, सुझावों व विचारों को लेख अथवा यात्रावृत्त, संस्मरण, रिर्पोट, कथा-कहानी, कविता, रेखाचित्र, फोटो आदि के रूप में प्रेषित करने का कष्ट करें। संपर्क करें। https://www.udaydinmaan.com/ संतोष बेंजवाल संपादक कन्हैया विहार, निकट कारगी चैक, देहरादून (उत्तराखंड) udaydinmaan@gmail.com Phone:0135-3576257 Mob:+91.9897094986 Email: udaydinmaan@gmail.com