चारधाम यात्रा में श्रद्धालुओं की संख्या 9 लाख पार

रुद्रप्रयाग: विश्व प्रसिद्ध चारधाम यात्रा 2026 में श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ रही है. जिसकी तस्दीक आंकड़े कर रहे हैं. अभी तक 9 लाख 20 हजार से ज्यादा श्रद्धालु चारों धाम के दर्शन कर चुके हैं. आज यानी 8 मई की बात करें तो 52,328 श्रद्धालुओं ने चारधाम के दर्शन किए. यमुनोत्री धाम में आज यानी 8 मई को 9,377 श्रद्धालुओं ने मां यमुना के दर्शन किए. जिसमें 4,818 पुरुष, 4,298 महिला और 261 बच्चे शामिल रहे. इस तरह से 19 अप्रैल से लेकर अब तक यमुनोत्री धाम में 1,45,225 श्रद्धालु मां यमुना के दर्शन कर चुके हैं.

गंगोत्री धाम में आज यानी 8 मई को 9,482 श्रद्धालुओं ने मां गंगा के दर्शन किए. जिसमें 5,127 पुरुष, 4,191 महिला और 164 बच्चे शामिल रहे. ऐसे में 19 अप्रैल से लेकर अभी तक 1,42,999 श्रद्धालु गंगोत्री धाम पहुंचकर मां गंगा के दर्शन कर चुके हैं. इस तरह से अब तक यमुनोत्री और गंगोत्री धाम में 2,88,224 श्रद्धालु दर्शन कर चुके हैं. केदारनाथ धाम में आज यानी 8 मई को 19,466 श्रद्धालुओं ने बाबा केदार के दर्शन किए. जिसमें 9,881 पुरुष, 9,463 महिला और 120 बच्चे भी शामिल रहे. इस तरह से 22 अप्रैल से लेकर अब तक 4,01,748 श्रद्धालु बाबा केदार का आशीर्वाद ले चुके हैं.

बदरीनाथ धाम में आज यानी 8 मई को 14,003 श्रद्धालुओं ने भगवान बदरी विशाल के दर्शन किए. जिसमें 7,921 पुरुष, 5,057 महिला और 1,025 बच्चे शामिल रहे. इस तरह से 23 अप्रैल से लेकर अभी तक बदरीनाथ धाम में 2,30,048 श्रद्धालु दर्शन कर पुण्य कमा चुके हैं. वहीं, अभी तक 9,20,020 श्रद्धालु चारों धाम के दर्शन कर पुण्य कमा चुके हैं.जानकारी के मुताबिक, आज यानी 8 मई को कंट्रोल रूम के जरिए भीमबली चौकी पुलिस को सूचना मिली कि रामबाड़ा से ऊपर नदी क्षेत्र में दो युवक फंसे हुए हैं और बाहर निकल पाने में असमर्थ हैं. सूचना मिलते ही पुलिस टीम बिना समय गंवाए मौके के लिए रवाना हुई.

कठिन पहाड़ी परिस्थितियों और तेज बहाव के बीच पुलिस कर्मियों ने किसी तरह से दोनों युवकों तक पहुंच बनाई और उन्हें सुरक्षित बाहर निकाला. पूछताछ में युवकों ने अपना नाम राहुल गुप्ता पुत्र चेतन गुप्ता (उम्र 21 वर्ष) और कुणाल शर्मा पुत्र महेश चंद शर्मा (उम्र 20 वर्ष) निवासी अलीगढ़, उत्तर प्रदेश बताया.दोनों युवक बाबा केदार के दर्शन कर वापस लौट रहे थे. जल्द पहुंचने के प्रयास में उन्होंने निर्धारित पैदल मार्ग छोड़कर एक कथित शॉर्टकट रास्ता अपना लिया. कुछ दूरी नीचे उतरने के बाद वे खतरनाक चट्टानों और नदी के तेज बहाव के बीच फंस गए, जहां से निकलना उनके लिए असंभव हो गया.

 

 

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