नई दिल्लीः चुनाव आयोग ने पश्चिम बंगाल, असम, तमिलनाडु, केरल और पुडुचेरी में विधानसभा चुनावों का कार्यक्रम घोषित कर दिया है। पश्चिम बंगाल में इस बार दो फेज में चुनाव होंगे, जबकि पिछले चुनाव में यहां सात फेज में चुनाव हुए थे। वहीं असम, केरल और पुडुचेरी में एक फेज में यानी 9 अप्रैल को मतदान होगा। इसके अलावा तमिलनाडु में 23 अप्रैल को मतदान होगा। सभी पांच राज्यों में वोटों की गिनती 4 मई हो की जाएगी।
CEC ज्ञानेश कुमार ने कहा कि साफ-सुथरी वोटर लिस्ट किसी भी लोकतंत्र की नींव होती है। इसी मकसद से, संविधान के अनुच्छेद 326 के तहत एक खास और गहन समीक्षा की जा रही है, ताकि यह पक्का हो सके कि कोई भी योग्य वोटर छूटे नहीं, और कोई भी अयोग्य व्यक्ति वोटर लिस्ट में शामिल न हो। मैं उन सभी बूथ लेवल अधिकारियों, सहायक वोटर रजिस्ट्रेशन अधिकारियों, वोटर रजिस्ट्रेशन अधिकारियों, ज़िला चुनाव अधिकारियों और चुनाव से जुड़े सभी अधिकारियों को बधाई देता हूँ, जिन्होंने इस काम को बिना किसी रुकावट के पूरा करने में अपना योगदान दिया।
मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने बताया कि चार राज्यों और एक केंद्र शासित प्रदेश में 2.19 लाख मतदान केंद्रों पर मतदान होगा। 25 लाख चुनाव अधिकारी ड्यूटी पर तैनात रहेंगे। उन्होंने कहा कि आयोग ने SIR के लिए बेहतरीन काम करने वाले BLOs को भी सम्मानित किया। आयोग ने युवा और पहली बार वोट डालने वाले मतदाताओं, और हमारे SWEEP आइकन्स से भी बातचीत की, जो मतदाता जागरूकता गतिविधियों में लगे हुए हैं।
उन्होंने आगे कहा कि जैसा कि आप सभी जानते हैं, ये पाँच राज्य और केंद्र शासित प्रदेश भारत के अलग-अलग भौगोलिक और सांस्कृतिक परिदृश्यों का प्रतिनिधित्व करते हैं। ये चुनाव न केवल एक लोकतांत्रिक प्रक्रिया का, बल्कि भारत की सांस्कृतिक समृद्धि का भी प्रतिनिधित्व करते हैं, और सचमुच हमारे राष्ट्र की एकता और विविधता को दर्शाते हैं।
CEC ज्ञानेश कुमार ने बताया कि शुद्ध मतदाता सूची हमारे लोकतंत्र की आधारशिला है। किसी भी पात्र मतदाता को हटाया नहीं जाना चाहिए और किसी भी अपात्र मतदाता को शामिल नहीं किया जाना चाहिए। CEC ज्ञानेश कुमार ने बताया कि EC ने आगामी विधानसभा चुनावों की तैयारियों का जायज़ा लेने के लिए चुनाव वाले सभी राज्यों का दौरा किया। असम, केरल, पुडुचेरी, तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल के मतदाताओं के लिए जानकारी।
पिछले कुछ दिनों में आयोग ने आगामी विधानसभा चुनावों की तैयारियों का जायज़ा लेने के लिए चुनाव वाले सभी राज्यों का दौरा किया। इन दौरों के दौरान आयोग ने सभी मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों से मुलाकात की और उनके सुझाव प्राप्त किए। उन्होंने आगे कहा कि आयोग ने ज़िला चुनाव अधिकारियों, SPs, IGs, DIGs और सभी प्रवर्तन एजेंसियों के नोडल अधिकारियों से भी मुलाकात की। आयोग ने संबंधित राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के मुख्य चुनाव अधिकारियों, मुख्य सचिवों और DGPs के साथ भी बैठकें कीं।
CEC ने बताया कि 4 राज्यों और एक केंद्र शासित प्रदेश के विधानसभा चुनावों में 17.4 करोड़ मतदाता हिस्सा लेंगे। CEC ज्ञानेश कुमार ने असम, पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु, केरल और पुडुचेरी में होने वाले आगामी विधानसभा चुनावों में निष्पक्ष और स्वतंत्र चुनाव कराने का आश्वासन दिया।
पश्चिम बंगाल में पिछली बार 8 चरणों में विधानसभा चुनाव हुए। 2 मार्च 2021 को चुनाव आयोग ने अधिसूचना जारी की थी। इसके बाद, पहले चरण में 27 मार्च, दूसरे में एक अप्रैल, तीसरे में 6 अप्रैल, चौथे चरण में 10 अप्रैल, 5वें चरण में 17 अप्रैल, छठे चरण में 22 अप्रैल, 7वें चरण में 26 अप्रैल और 8वें चरण में 29 अप्रैल को मतदान हुआ था। 2 मई को विधानसभा चुनावों की घोषणा की गई, जिसमें टीएमसी फिर से विजयी रही। बंगाल में विधानसभा की 294 सीटें हैं।
आपके पसंद की स्टोरी
234 सदस्यीय तमिलनाडु विधानसभा के लिए पिछली बार 12 मार्च 2021 को चुनाव की अधिसूचना जारी की गई। राज्य में एक ही चरण में 6 अप्रैल को वोटिंग हुई थी। इसी दिन 140 सदस्यीय केरल विधानसभा और 30 सदस्यीय पुडुचेरी विधानसभा के लिए मतदान हुआ। 2021 में असम में तीन चरणों में चुनाव संपन्न कराए गए। पहले चरण में 27 मार्च, दूसरे में एक अप्रैल और तीसरे में 6 अप्रैल को मतदान हुआ।
असम में विधानसभा की कुल 126 सीटें हैं।बंगाल विधानसभा का कार्यकाल 7 मई को पूरा हो रहा है। पश्चिम बंगाल में भाजपा सत्ता हासिल करने के लिए पूरी कोशिश कर रही है, वहीं तृणमूल कांग्रेस का प्रयास अपनी सरकार को बरकरार रखना है। कांग्रेस और लेफ्ट पार्टियों से चुनावी मैदान में उतरने से यहां मुकाबला और भी दिलचस्प होगा।
बीजेपी तमिलनाडु में मुख्य रूप से ऑल इंडिया अन्ना द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (एआईएडीएमके) के साथ मिलकर चुनाव लड़ रही है। एनडीए के अन्य घटक दलों में क्षेत्रीय पार्टियां, पट्टाली मक्कल काची (पीएमके), तमिल मनीला कांग्रेस और अम्मा मक्कल मुनेत्र कड़गम (एएमएमके) शामिल हैं। इस बार चुनाव में एनडीए बनाम डीएमके के बीच कड़ी टक्कर रहेगी। 10 मई को वर्तमान तमिलनाडु विधानसभा का कार्यकाल समाप्त हो जाएगा।
केरल में भाजपा का प्रमुख गठबंधन सहयोगी बीडीजेएस है। क्षेत्रीय पार्टी ट्वेंटी-20 भी एनडीए का हिस्सा बन चुकी है। वहीं, लोक जनशक्ति पार्टी (एलजेपी), शिवसेना और कॉनराड संगमा के नेतृत्व वाली नेशनल पीपुल्स पार्टी (एनपीपी) जैसे दल भी एनडीए का हिस्सा हैं। यहां एनडीए बनाम माकपा की लड़ाई देखी जा सकती है। राज्य विधानसभा का कार्यकाल 23 मई 2026 को समाप्त हो रहा है।असम में 20 मई और पुडुचेरी में 15 जून को विधानसभा कार्यकाल पूरा होगा। असम में वर्तमान में भाजपा की सरकार है। इस बार कांग्रेस और भाजपा दोनों में कांटे की टक्कर रहेगी।
केरल कांग्रेस ने कहा कि चुनाव की घोषणा को लेकर अनिश्चितता के कारण सभी पार्टियों ने फिलहाल उम्मीदवारों की घोषणा देरी से करने का फैसला किया। चुनाव घोषित होने के बाद उम्मीदवारों की घोषणा अलग-अलग चरणों में की जाएगी। उन्होंने कहा कि यूडीएफ सहयोगियों के साथ सीट के बंटवारे को एक अन्य बैठक में अंतिम रूप दिया जा सकता है।
उन्होंने कहा कि सीट बंटवारे का मामला अंतिम चरण में है और सहयोगी दलों के बीच कोई मतभेद नहीं है। अगर किसी सीट पर बदलाव की आवश्यकता होगी, तो इस पर चर्चा की जाएगी। सतीशन ने कहा कि किसी भी सहयोगी दल ने अतिरिक्त सीट की मांग नहीं की है और यूडीएफ पार्टियां अच्छे समन्वय के साथ आगे बढ़ रही हैं।
केरल विधानसभा में विपक्ष के नेता वी. डी. सतीशन ने रविवार को कहा कि आगामी विधानसभा चुनाव के लिए अधिसूचना जारी होने के तुरंत बाद कांग्रेस अपने उम्मीदवारों की घोषणा विभिन्न चरणों में करेगी। सतीशन ने यहां पत्रकारों से कहा कि सीट बंटवारे को लेकर संयुक्त लोकतांत्रिक मोर्चा (यूडीएफ) के सहयोगियों के साथ कोई मतभेद नहीं है।
चुनाव आयोग ने रविवार को चार राज्यों पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु, असम और केरल और केंद्र शासित प्रदेश पुडुचेरी में विधानसभा चुनावों का शेड्यूल जारी कर दिया है। वोटिंग 9 अप्रैल से 29 अप्रैल के बीच होगी, जबकि सभी पांच राज्यों के विधानसभाओं के नतीजे 4 मई को घोषित किए जाएंगे। ये चुनाव इसलिए हो रहे हैं क्योंकि इन विधानसभाओं का कार्यकाल मई और जून 2026 के बीच खत्म होने वाला है।
