देहरादून: उत्तराखंड की धार्मिक और प्रशासनिक दृष्टि से महत्वपूर्ण संस्था बदरी केदार मंदिर समिति (BKTC) में चल रहे विवादों के बीच सरकार ने बड़ा फैसला लिया है. समिति के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) विजय थपलियाल की प्रतिनियुक्ति को तत्काल प्रभाव से समाप्त कर दिया गया है. उन्हें उनके मूल विभाग कृषि उत्पादन मंडी समिति में वापस भेज दिया गया है.
बता दें कि विजय थपलियाल को 29 जुलाई 2024 को प्रतिनियुक्ति पर BKTC के CEO पद की जिम्मेदारी सौंपी गई थी, लेकिन पिछले कुछ समय से समिति के भीतर लगातार विवादों की स्थिति बनी हुई थी. बताया जा रहा है कि समिति के अध्यक्ष और सीईओ के बीच समन्वय की कमी खुलकर सामने आ रही थी, जिससे प्रशासनिक कार्यों पर भी असर पड़ रहा था.
इसी बीच केदारनाथ धाम से जुड़ा एक और विवाद सामने आया, जिसमें ‘रूप छड़’ को लेकर उठे सवालों ने मामले को और ज्यादा संवेदनशील बना दिया. इस प्रकरण में सीईओ की भूमिका को लेकर भी कई तरह के सवाल खड़े किए गए थे. मामला तूल पकड़ने के बाद सूबे के पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज ने इसकी जांच कराने की बात कही थी.
विजय थपलियाल को पद से हटाया गया: इन घटनाओं के बाद से ही ये माना जा रहा था कि बदरी केदार मंदिर समिति में शीर्ष स्तर पर बदलाव तय है और किसी भी समय बड़ा प्रशासनिक निर्णय लिया जा सकता है. आखिरकार सरकार ने कार्रवाई करते हुए विजय थपलियाल को उनके पद से हटा दिया है.
धार्मिक व्यवस्थाओं के लिहाज से बीकेटीसी की भूमिका बेहद अहम मानी जाती है, खासकर चारधाम यात्रा के दौरान. ऐसे में संस्था के भीतर किसी भी प्रकार का विवाद सीधे तौर पर व्यवस्थाओं और श्रद्धालुओं की आस्था से जुड़ जाता है. यही कारण है कि सरकार इस पूरे मामले को लेकर सतर्क नजर आ रही थी.
अब सबसे बड़ा सवाल ये है कि BKTC का नया CEO कौन होगा? क्या नया नेतृत्व समिति में चल रहे विवादों को समाप्त कर पाएगा. आगामी चारधाम यात्रा को देखते हुए यह नियुक्ति बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है. फिलहाल, सरकार के इस फैसले को प्रशासनिक सख्ती के रूप में देखा जा रहा है, लेकिन आने वाले दिनों में BKTC की कार्यप्रणाली और नए नेतृत्व की भूमिका पर सबकी नजरें टिकी रहेंगी.
