युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराने के उद्देश्य से गोट वैली तैयार की जा रही: बहुगुणा

रुद्रप्रयाग : बकरी पालन को आधुनिक तकनीक से स्वरोजगार से जोड़कर ग्रामीणों की आजीविका सुधार के लिए राज्य में ‘‘गोट वैली‘‘ तैयार होने जा रही हैं। पशुपालन मंत्री/जिले के प्रभारी मंत्री सौरभ बहुगुणा की अगुवाई में तैयार हो रही राज्य सरकार की इस महात्वाकांक्षी योजना की पहली कार्यशाला रुद्रप्रयाग में आयोजित हुई। पशुपालन मंत्री/जिले के प्रभारी मंत्री सौरभ बहुगुणा की अध्यक्षता में सोनप्रयाग में आयोजित बैठक में उत्तराखंड भेड़ बकरी शशक पालन को ऑपरेटिव फेडरेशन लिमिटेड ने स्थानीय किसानों को ‘‘गोट वैली‘‘ योजना की विस्तृत प्रस्तुतिकरण किया गया।

प्रशिक्षण कार्यक्रम के दौरान अपर निदेशक पशुपालन डॉ अविनाश आनंद ने योजना की जानकारी देते हुए कहा कि मंत्री जी के प्रयासों पर असंगठित बकरी पालकों को संगठित करते हुए व्यावसायिक मूल्य श्रंखला विकसित करना उद्देश्य है जिससे परवर्तीय सीमांत क्षेत्रों में बेरोजगार युवाओं को रोजगार के साधन उपलब्ध करवाए जा सकें। एक वैली में 20 से 25 किलोमीटर क्षेत्र के गांवों को इससे जोड़ा जाएगा। बताया कि किसानों को इसके लिए लोन भी उपलब्ध करवाया जाएगा।

पशुपालन मंत्री/जिले के प्रभारी मंत्री सौरभ बहुगुणा ने कहा कि प्रदेश सरकार की मंशा है कि पर्वतीय क्षेत्रों के पशुपालन व्यवसाय को बढ़ावा देकर युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराने के उद्देश्य से गोट वैली तैयार की जा रही हैं। जिसके पहले चरण में पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर अल्मोड़ा, बागेश्वर, पौड़ी, रुद्रप्रयाग और चमोली में गोट वैली तैयार होंगी। इसके बाद दूसरे चरण में उधम सिंह नगर, देहरादून और चंपावत एवं तीसरे चरण में पूरे राज्य में गोट वैली तैयार की जाएंगी।

रुद्रप्रयाग में राज्य की पहली कार्यशाला हुई है इसके बाद अन्य जिलों में कार्यशाला एवं प्रशिक्षण आयोजित कर योजना शुरू की जाएगी। ऐसे केंद्र तैयार होने पर बकरी के दूध एवं अन्य उत्पादों को खरीद के लिए विशेष योजना तैयार की जा रही है। इसके साथ ही भूसे पर सब्सिडी देने एवं दूध के उचित मूल्य किसानों को दिलवाने के लिए भी योजना तैयार की जा रही है, जल्द ही इसका लाभ किसानों को मिलने लगेगा।

इस अवसर पर केदारनाथ विधायक शैला रानी रावत ने अपने सुझाव पेश करते हुए कहा कि पर्वतीय क्षेत्रों के बेरोजगार युवाओं के लिए य़ह योजना मील का पत्थर साबित होगी। तथा आने वाले समय में योजना के बेहतर परिणाम हासिल होंगे और पहाड़ों से हो रहे पलायन रोकने के लिए कारगर साबित होगी।

जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने माननीय मंत्री को आश्वस्त किया कि दूरुस्त क्षेत्रों के ग्रामीणों को स्वरोजगार से जोड़ते हुए उन्हें आत्मनिर्भर बनाने के लिए सरकार द्वारा शुरू की जा रही गोट वैली योजना के सफल क्रियान्वयन के लिए जो भी दिशा निर्देश एवं सुझाव पेश किए गए हैं उनका संबंधित  विभागों से अनुपालन सुनिश्चित कराया जाएगा। ताकि योजना का उद्देश्य सफ़ल हो सके। इस अवसर पर जिलाधिकारी ने माननीय मंत्री का आभार व्यक्त कर स्वागत किया।

इस अवसर पर, मुख्य विकास अधिकारी नरेश कुमार, उप महाप्रबंधक पशुपालन विभाग संजय सक्सेना, जिला विकास अधिकारी मनविंदर कौर, मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी, डॉ नरेश कुमार, अनिल चौहान, डॉ रेणुका असवाल, डॉ निधि आर्य, डॉ आशीष रावत, सदस्य पलायन आयोग रंजना रावत समेत जनप्रतिनिधि मौजूद रहे।

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