बिना चिकित्सक की सलाह के बिना कोई भी दवा न लेने का संदेश दिया

रुद्रप्रयाग:राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन द्वारा देवभूमि सांस्कृतिक कलामंच के माध्यम से रूद्रप्राग बाजार व राइंका तिलकनगर में नुक्कड़ नाटक का आयोजन किया गया। नाट्य दल के कलाकारों द्वारा अपनी प्रस्तुति के माध्यम से डेंगू रोग के लक्षण, बचाव व रोकथाम के बारे में जानकारी देते हुए घर के आस-पास पानी बिल्कुल भी जमा न होने देने, घरों में गमलों व गमलों की ट्रे में पानी न ठहरने देने, कूलर का पानी नियमित रूप से बदलते रहने, बेकार बर्तन, खुली बोतलें, डिब्बे, टूटा हुआ प्लास्टिक, पुराने टायर घर में एकत्र न करने, पानी की टंकी एवं खुले बर्तनों को अच्छी तररह से ढक कर रखने, ऐसे कपड़े पहनने जो शरीर को ज्यादा से ज्यादा ढक सके, मच्छर भगाने वाली क्रीम का उपयोग करने, डेंगू रोग के लक्षण होने पर चिकित्सकीय परामर्श लेने व बिना चिकित्सक की सलाह के बिना कोई भी दवा न लेने का संदेश दिया।

अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन डाॅ. विमल सिंह गुसांई ने बताया कि डेंगू रोग रोकथाम को लेकर सभी संभव माध्यमों के जरिए पिछले चार माह से प्रचार-प्रसार किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि ऐपिडेमियोलॉजिस्ट आईडीएसपी के नेतृत्व में विभिन्न क्षेत्रों में जागरूकता व लार्वा निरोधक गतिविधियां संपादित की जा रही हैं,

वहीं एएनएम व सीएचओ के माध्यम से समुदाय के मध्य बैठकें आयोजित कर डेंगू जागरूकता गतिविधि की जा रही है। साथ ही राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम व राष्ट्रीय किशोर स्वास्थ्य कार्यक्रम की कुल छह टीमों द्वारा विद्यालयों का भ्रमण कर अपने-अपने कार्यक्रम की स्कीनिंग गतिविधि के उपरांत डेंगू नियंत्रण विषय पर जागरूक किया जा रहा है।

उन्होंने बताया कि जनपद में डेंगू रोकथाम को लेकर नगर पालिका, नगर पंचायत, पेयजल, शिक्षा, सूचना व अन्य विभागों से लगातार सहयोग मिल रहा है, जिसके तहत शहरी क्षेत्रों में नगर पालिका द्वारा फांगिंग की जा रही है, वहीं ग्रामीण क्षेत्रों में आशाओं द्वारा लार्वा निरोधात्मक (सोर्स रिडक्शन) की कार्यवाही संपादित की जा रही है।

एपिडेमियोलॉजिस्ट डाॅ. शाकिब हुसैन ने बताया कि डेंगू रोग रोकथाम के लिए विभाग द्वारा गत मई माह में ही पूरी तैयारी कर दी थी, जिसके अंतर्गत डेंगू के लक्षण वाले व्यक्तियों का निरंतर डेंगू टेस्ट किया जा रहा है, जिसके तहत अब तक 633 लोगों का टेस्ट किया गया, जिनमें से सभी डेंगू रोग से मुक्त पाए गए।

विभाग के पास डेंगू जांच के लिए प्रर्याप्त मात्रा में एंटीजन किट उपलब्ध हैं, साथ ही डेंगू उपचार के लिए जनपद में जिला चिकित्सालय, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र जखोली, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र अगस्त्यमुनि व प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र ऊखीमठ में आइसोलेशन वार्ड बनाए गए हैं, वहीं जिला स्तर सहित सभी ब्लाकों में रेपिड रिस्पॉंस टीमों का भी गठन किया गया है।

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