उत्तरकाशी: आगामी चारधाम यात्रा के आगाज के लिए मां गंगा की भोग मूर्ति विग्रह डोली शनिवार दोपहर को अभिजीत मुहूर्त में गंगोत्री धाम के लिए रवाना हो गई है. गंगा जी की भोग मूर्ति, विग्रह डोली में शनिवार दोपहर 12 बजकर 15 मिनट पर अभिजीत मुहूर्त में आर्मी बैंड और ढोल दमाऊं की अगुवाई और मुखबा धराली के समेश्वर देवता की देवडोली के साथ गंगोत्री धाम के लिए रवाना हो गई है. तीर्थ पुरोहितों और श्रद्धालुओं के साथ गंगा की डोली मुखबा-जांगला के सात किमी के जोखिम भरे मार्ग से होते हुए उसके बाद रात्रि विश्राम के लिए भैरों घाटी पहुंचेगी.
भैरों मंदिर में रात्रि विश्राम के बाद डोली रविवार सुबह गंगोत्री धाम के लिए रवाना होगी. धाम में विशेष पूजा अर्चना के बाद अक्षय तृतीया पर गंगोत्री धाम के कपाट दोपहर 12 बजकर 15 मिनट पर श्रद्धालुओं के लिए छह माह के लिए खोल दिए जाएंगे. मुखबा गांव के ग्रामीणों के लिए गंगा जी की विदाई का समय भावुकतापूर्ण होता है. ग्रामीणों ने फाफरे का भोग और छह माह का कल्यो अर्से आदि के साथ मां को विदा किया. मुंबई से आए श्रद्धालुओं ने कहा कि यह उनके सौभाग्य का क्षण है कि वह इस पल के साक्षी बन रहे हैं. पहली बार वह इस आध्यात्मिक अनुभव को कभी नहीं भूलेंगे.
यमुनोत्री धाम मंदिर समिति के प्रवक्ता पुरुषोत्तम उनियाल ने बताया कि-इससे पहले खरसाली गांव से मां यमुना की डोली सुबह 8.45 पर रवाना होगी. मां यमुना की डोली खरसाली गांव से स्थानीय वाद्ययंत्रों के साथ मां यमुना के जयकारों के साथ यमुनोत्री के लिए रवाना होगी. खरसाली गांव से यमुना के भाई शनिदेव महाराज सोमेश्वर महाराज की डोली भी अपनी बहन को विदा करने यमुनोत्री जाएंगी.
