रियाद: दशकों से खाड़ी देशों को अमेरिकी सुरक्षा को लेकर भ्रम बना हुआ था। लेकिन आसमान से बरसती ईरानी मिसाइलों ने उस भरोसे को तोड़ दिया है। ईरान ने खाड़ी के देशों संयुक्त अरब अमीरात (UAE), सऊदी अरब, कुवैत और बहरीन में जमकर मिसाइल और ड्रोन हमले किए हैं। दुबई में तो नागरिक संपत्तियों पर भी ईरानी हमले हुए हैं। ईरानी हमलों का मकसद और संदेश साफ था कि जो भी देश अमेरिकी सेना को हमले के लिए अपनी जमीन दे रहे हैं उन्हें बख्शा नहीं जाएगा।
ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने कहा है कि तेहरान ने “इस इलाके में दुश्मन के मिलिट्री बेस पर हमला करके” शुरुआत की है। वहीं अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि युद्ध अगले 4-5 हफ्तों तक और चल सकता है। जिससे मिडिल ईस्ट में और तबाही फैलने की आशंका बढ़ गई है। दूसरी तरफ इजरायली सेना लगातार तेहरान और लेबनान में हमले कर रही है। लेकिन खाड़ी के वो देश जो दशकों से अमेरिकी सुरक्षा की छतरी में खुद को महफूज महसूस कर रहे थे उनका भ्रम अब टूट गया है।
युद्ध के पहले ही दिन ईरानी मिसाइलों ने कुवैत स्थिति अमेरिकी अड्डे पर हमला किया था। इस हमले में अमेरिकी सेना के तीन जवान मारे गये। सोमवार (2 मार्च) को भी कुवैत में US दूतावास के अंदर कंपाउंड में हमला किया गया। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक UAE, कुवैत, कतर, बहरीन और ओमान में हुए हमलों में कम से कम चार आम लोग मारे गए और 100 से ज्यादा घायल हो गए हैं।
ईरान ने सोमावार को सऊदी अरब में ड्रोन से रास तनुरा रिफ़ाइनरी पर हमला किया था। ये पश्चिमी एशिया की सबसे बड़ी रिफाइनरी में से एक है और देश के एनर्जी सेक्टर की नींव है।इस रिफाइनरी से हर दिन 550,000 बैरल तेल प्रोसेस किया जाता है और ये दुनिया के सबसे बड़े तेल पोर्ट में से एक है। सऊदी अधिकारियों ने कहा कि ड्रोन को रोक लिया गया और आग बुझा दी गई है।सऊदी अरामको को ईरानी हमले की वजह से रिफाइनरी को कुछ समय के लिए बंद करना पड़ा।साइप्रस के अक्रोटिरी में ब्रिटेन के रॉयल एयर फोर्स बेस पर भी रात में एक ड्रोन हमला हुआ। 1986 में लीबिया के मिलिटेंट्स के हमले के बाद यह पहला ऐसा हमला था, जिससे लड़ाई का भौगोलिक दायरा और बढ़ गया है।
दुबई अपनी शानो शौकत और लग्जरी जिंदगी के लिए मशहूर था। यहां दुनियाभर के मशहूर कारोबारियों, फिल्मी हस्तियों और रसूखदार रईसों का घर है। इसे सबसे सुरक्षित शहरों में से एक माना जाता था। लेकिन वो भ्रम भी टूट गया है। ईरान ने संयुक्त अरब अमीरात में 150 से ज्यादा मिसाइलों और ड्रोन से हमला किया है। गुस्साए UAE को ईरान पर जवाबी हमला करने की धमकी तक देनी पड़ी है। दुबई में फाइव स्टार होटलों और इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर हमला किया गया।
दुबई, दोहा और अबू धाबी के पास के इलाकों में चश्मदीदों ने बताया कि रात के आसमान में प्रोजेक्टाइल के तेजी से उड़ने पर जोरदार धमाके हुए हैं।UAE के रक्षा मंत्रालय ने बताया है कि ईरान ने अभी तक 540 से ज्यादा ड्रोन, 165 बैलिस्टिक मिसाइल और दो क्रूज मिसाइलों से UAE पर हमला किया है। हालांकि ज्यादातर को रोक लिया गया फिर भी कई ड्रोन और मिसाइलों का असर हुआ है।पाम जुमेराह स्थित आलीशान फेयरमोंट होटल पर सीधी मिसाइल गिरी है।
एक कंसल्टेंट फर्म एलिजाबेथ रेमेंट जो पाम जुमेराह में है, उसके पास मलबा गिरा है। इसने न्यूयॉर्क टाइम्स को बताया है कि “आप दुबई जैसे शहर में अपने सिर के ऊपर से मिसाइलों की आवाज सुनने की उम्मीद नहीं करते। इस दौरान आपको एहसास होता है कि असल में ये सब कितना नाजुक होता है।”बुर्ज अल अरब, जो दुनिया के प्रतिष्ठित होटलों में शामिल है, उसके पास धमाके सुने गये हैं।दुबई के इस सबसे बड़े शिपिंग पोर्ट जेबेल अली पोर्ट पर रविवार सुबह धुएं के गुबार देखे गए।अल मिन्हाद एयर बेस, जो दुबई स्थित अमेरिकी सेना का प्रमुख सैन्य अड्डा है, वहां हमला हुआ है।
दुबई के कुछ रिहायशी इलाकों में भी मिसाइलों का मलबा गिरा है, जिससे मामूली संपत्ति का नुकसान हुआ है।
दुबई पर इतने हमले होना काफी आश्चर्यजनक है। UAE ने सऊदी अरब की नाराजगी के बावजूद ईरान के साथ करीबी रिश्ते बनाए हैं। UAE तेहरान के सबसे बड़े ट्रेडिंग पार्टनर्स में से एक बना हुआ है। खाड़ी देशों ने हाल के सालों में ईरान के साथ सावधानी से डिप्लोमैटिक बातचीत करने की भी कोशिश की है। लेकिन इस लड़ाई ने यूएई के बैलेंस बनाने की पॉलिसी को तार-तार कर दिया है।
