नई दिल्लीः कभी-कभी किस्मत की तलाश इंसान को ऐसे मोड़ पर ले जाती है, जहां जिंदगी और मौत के बीच की दूरी बेहद कम रह जाती है। कुछ ऐसा ही हुआ उन सात लोगों के साथ, जो सोने की खोज में निकले थे, लेकिन उनका यह सफर अचानक एक खौफनाक जाल में बदल गया। एक गहरी और खतरनाक गुफा में दाखिल हुए ये लोग अचानक आई बाढ़ की वजह से अंदर ही फंस गए। अब अंधेरे, भूख और बढ़ते खतरे के बीच उनकी जिंदगी बचाने के लिए रेस्क्यू टीमें समय के खिलाफ जंग लड़ रही हैं।
यह घटना दक्षिण-पूर्व एशिया के देश लाओस की है, जो चारों तरफ से जमीन से घिरा हुआ देश है। यहां सायसोम्बून प्रांत की एक गुफा में ये सात लोग 20 मई से फंसे हुए हैं। बताया जा रहा है कि ये सभी लोग सोना खोजने के इरादे से गुफा के अंदर गए थे, लेकिन अचानक हुई भारी बारिश के कारण बाढ़ आ गई और बाहर निकलने का रास्ता पूरी तरह बंद हो गया।
कई दिनों तक तलाश के बाद राहत की खबर तब मिली, जब विशेष गोताखोरों ने इनमें से पांच लोगों को जिंदा ढूंढ निकाला। वे गुफा के भीतर एक संकरी जगह पर, बाहर निकलने के रास्ते से करीब 300 मीटर दूर बैठे मिले। हालांकि उन्हें ढूंढ लेना ही काफी नहीं था, उन्हें सुरक्षित बाहर निकालना अब भी बेहद मुश्किल चुनौती बना हुआ है। बाकी दो लोगों का अब तक कोई सुराग नहीं मिल पाया है, जिससे चिंता और बढ़ गई है।
इस रेस्क्यू ऑपरेशन को कठिन बनाने वाली सबसे बड़ी वजह है गुफा की संरचना। यह गुफा पहाड़ों के बीच एक दूरदराज इलाके में स्थित है और काफी गहराई तक फैली हुई है। इसका प्रवेश मार्ग बेहद संकरा है, जहां बचावकर्मियों को झुककर या रेंगते हुए आगे बढ़ना पड़ रहा है। कुछ जगहों पर सुरंग इतनी तंग है कि एक समय में सिर्फ एक व्यक्ति ही गुजर सकता है। इसके अलावा अंदर फिसलन भरे पत्थर, गहरी ढलान और लगातार भरता पानी हालात को और खतरनाक बना रहे हैं।
गुरुवार सुबह हुई बारिश ने स्थिति को और बिगाड़ दिया, जिससे गुफा के अंदर पानी और कीचड़ बढ़ गया। इस बीच, अंतरराष्ट्रीय मदद भी जुटाई जा रही है। 2018 में थाईलैंड की गुफा में फंसी ‘वाइल्ड बोअर्स’ फुटबॉल टीम को बचाने वाले अनुभवी गोताखोर भी इस मिशन में शामिल हो चुके हैं। इसके अलावा कई देशों से विशेषज्ञों के पहुंचने की उम्मीद है, ताकि बचाव कार्य को तेज किया जा सके।
एक राहत की बात यह है कि फंसे हुए लोग गुफा के अंदर एक ऊंची जगह पर हैं, जहां तक हवा पहुंच रही है और उनकी हालत फिलहाल स्थिर बताई जा रही है। हालांकि भूख और कमजोरी लगातार बढ़ रही है। एक फंसे हुए व्यक्ति ने कैमरे पर कहा कि अगर जल्द मदद नहीं मिली, तो उनकी ताकत जवाब दे सकती है।
रेस्क्यू टीम के सामने अब ऑक्सीजन की कमी और जहरीली गैस जैसी नई चुनौतियां भी खड़ी हो गई हैं। गुफा के भीतर चमगादड़ों की सड़ी हुई बीट से निकलने वाली हाइड्रोजन सल्फाइड गैस ने हालात को और गंभीर बना दिया है। कुछ बचावकर्मी इसकी वजह से बेहोश भी हो चुके हैं। इस पूरी घटना ने एक बार फिर दिखा दिया है कि प्रकृति के सामने इंसान कितना बेबस हो सकता है। फिलहाल हर किसी की नजर इस बात पर टिकी है कि क्या ये सभी लोग सुरक्षित बाहर निकल पाएंगे या नहीं।
