कैबिनेट मंत्री प्रेमचंद अग्रवाल दिल्ली तलब

देहरादून : चौथी विधानसभा के कार्यकाल में विधानसभा सचिवालय में हुई 72 नियुक्तियों के मामले में विपक्ष के निशाने पर आए तत्कालीन विधानसभा अध्यक्ष एवं वर्तमान में धामी सरकार में कैबिनेट मंत्री प्रेमचंद अग्रवाल के दिल्ली दौरे से राजनीतिक गलियारों में चर्चा तेज हो गई।

उन्होंने मुख्यमंत्री परिषद की पूर्व में हुई बैठक के निर्णयों के अनुपालन में शुक्रवार को दिल्ली में बुलाई गई बैठक में भाग लिया।चर्चा है कि बाद में अग्रवाल ने भाजपा के राष्ट्रीय मुख्यालय में हुई भाजपा शासित राज्यों के पार्टी प्रभारियों की बैठक में भी हिस्सा लिया। समझा जा रहा है कि उन्होंने विधानसभा में हुई भर्तियों के मामले में अपना पक्ष केंद्रीय नेताओं के समक्ष रखा।

विधानसभा में भर्ती प्रकरण का भाजपा के केंद्रीय नेतृत्व ने संज्ञान लिया है और राष्ट्रीय उपाध्यक्ष एवं उत्तराखंड प्रभारी दुष्यंत कुमार गौतम इस पर नजर रखे हैं। हाल में उन्होंने स्पष्ट किया था कि पार्टी इस बारे में पूरा ब्योरा ले रही है।इस बीच कैबिनेट मंत्री प्रेमचंद अग्रवाल का मुख्यमंत्री परिषद के निर्णयों के अनुपालन में बुलाई गई बैठक में भाग लेने का कार्यक्रम निर्धारित हुआ। इसके बाद से ही यह चर्चा चल रही है कि उन्हें पार्टी हाईकमान ने तलब किया है। यद्यपि, अग्रवाल इससे इनकार करते रहे।

शुक्रवार को अग्रवाल ने बैठक में भाग लिया। सूत्रों के अनुसार अमृत सरोवर समेत उत्तराखंड में चल रही केंद्र एवं राज्य सरकारों की योजनाओं से जुड़े 13 बिंदुओं पर चर्चा हुई।इनमें से कुछ बिंदुओं को तेजी से धरातल पर उतारने पर जोर दिया गया। चर्चा है कि शाम को अग्रवाल ने भाजपा के राष्ट्रीय मुख्यालय में चल रही बैठक के दौरान राष्ट्रीय नेताओं से मुलाकात की। यद्यपि, इसे लेकर भाजपा के किसी भी पदाधिकारी ने पुष्टि नहीं की।

विधानसभा सचिवालय में हुई नियुक्तियों में अनियमितता को लेकर प्रदेश सरकार के बाद अब वर्तमान विधानसभा ने भी सख्त रुख अपनाने के संकेत दिए हैं। विधानसभा अध्यक्ष ऋतु खंडूड़ी भूषण ने भर्तियों के संबंध में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का पत्र मिलने की पुष्टि की। उन्होंने कहा कि इस मामले में विधिक राय ली जा रही है। इसके बाद ही वह कोई निर्णय लेंगी।

अधीनस्थ सेवा चयन आयोग की भर्ती परीक्षाओं में गड़बड़ी का प्रकरण सामने आने के बाद पिछले कुछ दिनों से पिछली विधानसभा के कार्यकाल में विधानसभा सचिवालय में हुई 72 नियुक्तियों में कथित अनियमितता का मामला भी तूल पकड़ा हुआ है। अधीनस्थ सेवा चयन आयोग की परीक्षाओं में गड़बड़ी के मामलों की सरकार एसआइटी से जांच करा रही है। अब तक 31 गिरफ्तारियां हो चुकी हैं।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने विधानसभा में हुई नियुक्तियों को लेकर अंगुली उठने पर इसमें भी सख्त रुख अपनाया है। उन्होंने विधानसभा अध्यक्ष को पत्र भेजकर कहा है कि विधानसभा एक गरिमामयी स्वायत्तशासी संवैधानिक संस्था है।इसकी गरिमा बनाए रखना हम सभी की सर्वोच्च प्राथमिकता रही है। उन्होंने भर्ती प्रकरण की उच्च स्तरीय जांच कराने और अनियमितताएं पाए जाने पर ऐसी सभी नियुक्तियां निरस्त करने का आग्रह किया है।

दिल्ली में मौजूद विधानसभा अध्यक्ष ऋतु खंडूड़ी भूषण ने शुक्रवार को दैनिक जागरण से बातचीत में विधानसभा सचिवालय में हुई भर्तियों के संबंध में मुख्यमंत्री धामी का पत्र मिलने की पुष्टि की।उन्होंने कहा कि वह प्रकरण को समझ रही हैं। इस सिलसिले में विधिक राय ली जा रही है। सोमवार तक वह देहरादून पहुंचेंगी और फिर इस संबंध में कोई निर्णय लेंगी।

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