नदियों में खनन पर पूरी तरह से रोक

देहरादून: उत्तराखंड में मानसून की बारिश और संभावित आपदा की परिस्थितियों को देखते हुए शासन प्रशासन अलर्ट मोड पर है. इसी कड़ी देहरादून डीएम आशीष चौहान ने आपदा कंट्रोल रूम पहुंचकर व्यवस्थाओं, संचार प्रणाली और आपदा से संबंधित तैयारियों का जायजा लिया.

उन्होंने अधिकारियों को कंट्रोल रूम 24×7 सक्रिय रखने और किसी भी सूचना पर तत्काल प्रभावी कार्रवाई करने को कहा. इसके अलावा बारिश के बीच सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने के निर्देश दिए. उन्होंने कहा कि मानसून में लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी. साथ ही नदी किनारे वार्निंग सायरन व सीसीटीवी लगाए जाएंगे. जिला प्रशासन की क्यूआरटी सक्रिय रहेगी.

डीएम चौहान ने सभी निर्माणदायी संस्थाओं को निर्देश दिए कि निर्माण कार्यों के लिए खोदी गई सड़कों की तत्काल मरम्मत कर उन्हें सुरक्षित और सुगम बनाया जाए. किसी भी सड़क पर गड्ढे या असुरक्षित स्थिति नहीं रहनी चाहिए.उन्होंने चेतावनी दी कि यदि विभागीय लापरवाही के कारण कोई दुर्घटना होती है, तो संबंधित अधिकारी और संस्था की जिम्मेदारी तय करते हुए कठोर कार्रवाई की जाएगी. इसलिए मामले को गंभीरता लें.

बैठक में डीएम चौहान ने सभी उप जिलाधिकारियों को निर्देशित किया कि अपने-अपने क्षेत्रों में संचालित स्टोन क्रशरों की स्थिति का सत्यापन करें. साथ ही ये प्रमाणित करें कि वे वर्तमान में संचालित तो नहीं हैं और नदियों में किसी प्रकार की खनन गतिविधि तो नहीं हो रही है.

बता दें कि 1 जुलाई से 30 सितंबर तक नदियों में किसी भी प्रकार की खनन गतिविधि पूरी तरह से प्रतिबंधित रहेगी. यदि इस अवधि में खनिज परिवहन करते हुए कोई वाहन पाया जाता है, तो उसके खिलाफ विधिक कार्रवाई करते हुए संबंधित वाहन को सीज करने की कार्रवाई की जाएगी.

डीएम आशीष चौहान ने नदी किनारे स्थित पर्यटन स्थलों पर सुरक्षा व्यवस्था सुदृढ़ करने के निर्देश दिए. उन्होंने कहा कि वहां वार्निंग सायरन एवं सीसीटीवी कैमरे लगाएं जाएं. ताकि, जलस्तर बढ़ने या आपदा की स्थिति में पर्यटकों एवं स्थानीय लोगों को समय रहते सतर्क किया जा सके.

मुख्य चिकित्सा अधिकारी को निर्देशित करते हुए डीएम चौहान ने कहा कि दुर्गम क्षेत्रों में रहने वाली ऐसी गर्भवती महिलाएं, जिनकी आगामी एक हफ्ते से 10 दिनों के भीतर प्रसव संभावित है, उन्हें पहले से ही सुरक्षित स्थान या अस्पताल के नजदीक ठहराने की व्यवस्था की जाए, जिससे आपात स्थिति में किसी प्रकार की कठिनाई उत्पन्न न हो.

वहीं, देहरादून और ऋषिकेश नगर निगम समेत सभी नगर निकायों को निर्देश दिए कि डेंगू एवं मलेरिया की रोकथाम के लिए नियमित फॉगिंग कराई जाए. साथ ही खराब स्ट्रीट लाइटों को तत्काल ठीक कराया जाए और जिन क्षेत्रों में स्ट्रीट लाइट उपलब्ध नहीं है, वहां सुरक्षा की दृष्टि से प्राथमिकता के आधार पर नई स्ट्रीट लाइटें स्थापित की जाएं.

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