एवियन: जी7 शिखर सम्मेलन के ग्रुप फोटो में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आकर्षण का केंद्र रहे। वह जी7 का स्थायी सदस्य न होते हुए भी ग्रुप फोटो के केंद्र में नजर आए। उनकी यह स्थिति भारत की बढ़ती ताकत को दिखाता है। कूटनीतिक जानकारों का भी मानना है कि ग्रुप फोटो में राष्ट्राध्यक्ष की स्थिति अक्सर अंतरराष्ट्रीय संबंधों और वैश्विक मंच पर देश के कद को दर्शाती है। पीएम मोदी जी7 2026 के मेजबान देश फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों के निमंत्रण पर इस शिखर सम्मेलन में शामिल हुए हैं। भारत दुनिया की सबसे तेज गति से बढ़ने वाली अर्थव्यवस्था है।
जी-7 समिट की आधिकारिक फैमिली फोटो के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कई देशों के नेताओं से बातचीत करते नजर आए। प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर नेताओं के साथ अपनी मुलाकात की तस्वीरें साझा करते हुए लिखा, “आज दोपहर एवियन में जी-7 समिट की बैठक शुरू होने से पहले। जी-7 नेताओं के साथ विचारों का आदान-प्रदान हमेशा उपयोगी होता है।” एमईए ने कहा, “प्रधानमंत्री मोदी समेत सभी नेता फ्रांस के एवियन में आयोजित 52वें जी-7 समिट की फैमिली फोटो के लिए एक साथ आए। यह वैश्विक चुनौतियों से निपटने और सबके साथ विकास को बढ़ावा देने की सामूहिक कोशिश की दिशा में एक और कदम है।”
प्रधानमंत्री मोदी ने फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों को एवियन जी-7 समिट में स्वागत करने के लिए धन्यवाद दिया। दोनों नेताओं ने आउटरीच सत्र से पहले मुलाकात की, एक-दूसरे का अभिवादन किया और गले भी मिले। पीएम मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर लिखा, “मेरे दोस्त राष्ट्रपति मैक्रों, एवियन में स्वागत करने के लिए आपका धन्यवाद।” विदेश मंत्रालय (एमईए) के अनुसार, दोनों नेताओं ने कुछ दिन पहले नीस में हुई अपनी सकारात्मक द्विपक्षीय बातचीत को आगे बढ़ाया। अब दोनों नेता अपनी बातचीत को बहुपक्षीय मंच पर आगे बढ़ा रहे हैं।
पीएम मोदी और अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी जी-7 समिट के आउटरीच सत्र के दौरान कुछ देर के लिए मुलाकात की और एक-दूसरे का अभिवादन किया। दोनों नेताओं ने हाथ मिलाया और जी-7 के कार्य सत्र ‘नई साझेदारियां बनाने और अंतरराष्ट्रीय एकजुटता को फिर से मजबूत करने’ से पहले थोड़ी बातचीत की। इस सत्र में जी-7 देशों के अलावा साझेदार देश, विश्व बैंक और अफ्रीकी विकास बैंक भी शामिल हो रहे हैं।
पीएम मोदी और राष्ट्रपति ट्रंप बुधवार को द्विपक्षीय बैठक करेंगे। इसमें आर्थिक विकास, सप्लाई चेन, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई), निवेश साझेदारी और दुनिया की सुरक्षा से जुड़े कई मुद्दों पर चर्चा होगी। यह बैठक पिछले साल पाकिस्तान के खिलाफ हुए सफल ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के बाद राष्ट्रपति ट्रंप और प्रधानमंत्री मोदी के बीच पहली द्विपक्षीय मुलाकात होगी। व्हाइट हाउस ने शनिवार को बताया था कि दोनों नेताओं की बैठक जी-7 नेताओं, आउटरीच पार्टनर्स और टेक्नोलॉजी कंपनियों के अधिकारियों के साथ होने वाले वर्किंग लंच से पहले होगी।
