देहरादून: उत्तराखंड महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास विभाग के तहत खाली पड़े 438 आंगनबाड़ी वर्कर और 2,773 सहायिकाओं के पदों पर जल्द भर्ती होगीं. महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास मंत्री रेखा आर्या ने विधानसभा स्थित सभागार कक्ष में विभागीय अधिकारियों के साथ बैठक ली. बैठक के दौरान मंत्री आर्या ने विभागीय योजनाओं की समीक्षा करने के साथ ही अधिकारियों को तमाम जरूरी दिशा-निर्देश भी दिए. इसके साथ ही खाली पड़े पदों पर जल्द से जल्द भर्ती के निर्देश दिए.
आंगनबाड़ी सेवाओं की समीक्षा के दौरान मंत्री रेखा आर्या ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रदेश के आंगनबाड़ी केंद्रों में रजिस्टर्ड सभी बच्चों का हर महीने वजन तौला जाए. ताकि, प्रदेश में कुपोषित एवं अतिकुपोषित बच्चों की पहचान हो सके. उन्हें केंद्र एवं राज्य सरकार की ओर से संचालित योजनाओं का लाभ प्रदान कर स्वस्थ बच्चों की श्रेणी में लाया जा सकें. उन्होंने कहा कि इस काम में किसी भी प्रकार की हीला-हवाली न बरती जाए.
इसके अलावा मंत्री रेखा आर्या ने एफआरएस (फेसियल रिकॉग्निशन सिस्टम) के जरिए वितरित किए जाने वाले टीएचआर (पोषाहार) की समीक्षा के दौरान अधिकारियों को अहम निर्देश दिए. उन्होंने साफतौर पर निर्देश दिए कि पोषाहार वितरण का डेटा एफआरएस ट्रेकर में अनिवार्य रूप से भरा जाए. ताकि, एफआरएस ट्रेकर में प्रदेश का रिकॉर्ड अच्छा हो और योजनाओं के तहत केंद्र से समुचित बजट मिल सके.
बैठक के दौरान मंत्री आर्या ने कहा कि भारत निर्वाचन आयोग के विशेष गहन पुनरीक्षण में आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों की ड्यूटी में व्यस्तता की वजह से ये देखने को मिल रहा है कि आंगनबाड़ी वर्कर, आंगनबाड़ी केंद्रों में अपनी उपस्थिति नहीं दे रहीं हैं और विभागीय कार्यों की अनदेखी कर रहीं हैं. ऐसे में विभागीय अधिकारी जिलों में पत्राचार कर इस बात पर जोर दें कि आंगनबाड़ी वर्कर कार्य दिवस में कम से कम एक घंटा अनिवार्य रूप से अपनी उपस्थिति दर्ज कराएं और विभागीय कामों को भी करें.
प्रदेश के सभी जिला कार्यक्रम अधिकारियों को निर्देश दिए कि आंगनबाड़ी केंद्रों में रजिस्टर्ड 3 से 6 साल उम्र के सभी बच्चों की आभा आईडी और आधार कार्ड अनिवार्य रूप से एक महीने के भीतर बना दिए जाएं. इसके साथ ही आंगनबाड़ी केंद्रों में आंगनबाड़ी वर्करों और सहायिकाओं के खाली पदों पर भर्ती प्रक्रिया को जल्द से जल्द ही पूरा किया जाए. ताकि, रिक्तियों के भर जाने से आंगनबाड़ी केंद्रों के कामों को और ज्यादा बेहतर किया जा सके.
वहीं, कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या ने शासन एवं जिला स्तरीय अधिकारियों एवं कर्मचारियों को निर्देश दिए हैं कि विभागीय योजनाओं का लाभ पात्र लाभार्थियों तक अनिवार्य रूप से पहुंचना चाहिए. विभागीय कामों में किसी भी प्रकार की लापरवाही देखने को न मिले. इसके साथ ही विभागीय कामों के संपादन में हीला-हवाली बरते जाने पर संबंधित अधिकारियों एवं कर्मचारियों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई अमल में लाई जाएगी.
