युवाओं ने दिए इनोवेटिव आइडिया

देहरादून: देशभर में ईट राइट अभियान चलाया जा रहा है. जिसके तहत ईट सेफ, ईट हेल्थी और ईट सस्टेनेबल (Eat Safe, Eat Healthy and Eat Sustainable) को बढ़ावा दिया जा रहा है. ताकि, लोगों को सुरक्षित और शुद्ध खाने के प्रति प्रोत्साहित किया जा सके. इसी कड़ी में देश में पहली बार यूनाइटेड नेशन की संस्था ग्लोबल एलायंस फॉर इम्प्रूव्ड न्यूट्रीशन के सहयोग से उत्तराखंड में ‘ईट राइट यूथ हैकाथॉन उत्तराखंड 2026’ का आयोजन किया गया.इस आयोजन के जरिए प्रदेश भर के तमाम युवाओं से फूड सेफ्टी को लेकर इनोवेटिव आइडिया लिए गए. इसके लिए उत्तराखंड के करीब 1600 युवाओं ने प्रतिभा किया था. जिसमें से मात्र 26 युवाओं का चयन किया गया है. इन सभी युवाओं को 4 जुलाई को राज्यपाल गुरमीत सिंह लोकभवन में सम्मानित करेंगे.

बता दें कि देश दुनिया में ईट राइट एक बड़ी समस्या बन रही है. क्योंकि, ज्यादातर लोगों को इसके बारे में ठीक जानकारी नहीं है. जिसके चलते लोग इससे बीमार हो रहे हैं. यही वजह है कि भारत सरकार देशभर में ईट राइट अभियान संचालित कर रही है. ताकि, लोगों को ईट सेफ़, ईट हेल्थी और ईट सस्टेनेबल के प्रति जागरूक किया जा सके.जिससे न सिर्फ वो स्वस्थ होंगे बल्कि, उन्हें अस्पतालों के चक्कर भी नहीं करने पड़ेंगे, लेकिन आज भी देश में फूड को सुरक्षित रखना एक बड़ी चुनौती बनी हुई है. जिसको देखते हुए उत्तराखंड में संस्था की ओर से ईट राइट यूथ हैकाथॉन (Eat Right Youth Hackathon) का आयोजन किया गया.

करीब 9 महीने तक चले इस इनोवेशन बूट कैंप के जरिए प्रदेश के 9 टीम यानी 26 युवाओं का चयन किया गया है. जिन्होंने फूड को सुरक्षित रखने के साथ ही न्यूट्रीशन से संबंधित तमाम महत्वपूर्ण आइडिया दिए हैं. ऐसे में जहां एक ओर विजेता 6 टीमों के 26 प्रतिभागियों को राज्यपाल कल यानी 4 जुलाई को सम्मानित करेंगे.वहीं, दूसरी ओर इन सभी 6 यूथ टीम विजेताओं को ग्लोबल एलायंस फॉर इम्प्रूव्ड न्यूट्रीशन संस्था की ओर से भी सम्मानित किया जाएगा. पहले विजेता टीम को डेढ़ लाख रुपए, दूसरे विजेता टीम को एक लाख रुपए और तीसरे विजेता टीम को 75 हजार के साथ ही चौथे, पांचवें एवं छठवें विजेता टीम को 50-50 हजार रुपए का कैश प्राइज दिया जाएगा.

वहीं, छठे विजेता टीम के श्रृंगार ध्यानी ने अपने प्रोजेक्ट के बारे में जानकारी दी. उन्होंने कहा कि, हमारा प्रोजेक्ट अर्पण टू अंकुर है. इस प्रोजेक्ट के तहत चारधाम में जो ऑर्गेनिक वेस्ट निकलता है, उसको नीचे नहीं भेजा जाता है. बल्कि, वहीं डंप हो जाता है. क्योंकि, ट्रांसपोर्टेशन लागत काफी ज्यादा होता है. जिसे चलते मिट्टी की क्वालिटी खराब होती है और भू क्षरण होता है.”- श्रृंगार ध्यानी, प्रतिभागी, छठवां विजेता टीम”ऐसे में हमारा प्लान है कि चारधाम से निकलने वाले ऑर्गेनिक वेस्ट को वहीं पर सीड पेलेट में प्रोसेस किया जाए. जिसके तहत चारधाम में आने वाले सभी यात्रियों को प्रसाद के साथ एक सीड पेलेट भी दिया जाए. ताकि, वो इसे कहीं पर लगा सके. जिससे पेड़ उगेगा.”- श्रृंगार ध्यानी, छठवां विजेता टीम

यूनाइटेड नेशन की संस्था ग्लोबल एलायंस फॉर इम्प्रूव्ड न्यूट्रीशन की इंडिया डायरेक्टर देबजानी ने कहा कि ईट राइट यूथ हैकाथॉन उत्तराखंड का आयोजन प्रदेश के साथ ही पूरे देश में पहली बार हो रहा है. जबकि, इससे पहले ईट राइट यूथ हैकथॉन का आयोजन 9 देशों में पहले ही किया जा चुका है.भारत सरकार की जो ईट राइट अभियान है, उसमें ईट सेफ, ईट हेल्थी और ईट सस्टेनेबल शामिल है. इसी के तहत उत्तराखंड में ईट राइट यूथ हैकाथॉन का आयोजन किया गया. जिसमें प्रदेश भर से 387 टीम यानी करीब 1600 युवाओं ने प्रतिभाग किया. ये पूरी 8 से 9 महीने की प्रक्रिया थी. जिसके तहत 6 टीमों यानी 26 यूथ का चयन किया गया है.

वही, उत्तराखंड खाद्य संरक्षा एवं औषधि प्रशासन के उपायुक्त गणेश कंडवाल ने कहा कि ईट राइट यूथ हैकाथॉन उत्तराखंड के तहत चलाए गए इनोवेशन बूट कैंप के दौरान युवाओं ने तमाम इनोवेटिव आइडिया दिए. ऐसे में इस बूट कैंप के दौरान युवाओं ने जो आइडिया तैयार किया है, उन आइडिया के साथ ये युवा एंटरप्रेन्योरशिप डेवलप करें और अपने खुद से स्टार्टअप को शुरू करें. बल्कि अन्य 10 लोगों को रोजगार देने वाले बने. साथ ही कहा कि वर्तमान समय में फूड सेफ्टी यानी खाद्य सुरक्षा एक महत्वपूर्ण विषय है. ऐसे में फूड सेफ्टी को लेकर इन युवाओं ने जो नया आइडिया दिया है, वो आने वाले समय काफी ज्यादा बेहतर साबित होगी.

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