काठमांडू: काठमांडू के त्रिभुवन अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर सोमवार तड़के सुबह उतरते समय तुर्की एयरलाइंस के एक विमान के टायरों में अचानक आग लग गई. पुलिस ने पुष्टि की है कि सभी यात्रियों और चालक दल के सदस्यों को सुरक्षित निकाल लिया गया. इस्तांबुल से काठमांडू जा रही एक फ़्लाइट के लैंडिंग के समय दाई ओर के टायरों में अचानक आग लग गई, जिसके बाद सभी यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकालने और बचाने का काम शुरू किया गया. कॉल साइन TK726 वाला यह विमान इस्तांबुल से काठमांडू जा रहा था और लैंडिंग के समय इसके टायर में आग लग गई थी.
फायर इंजन की मदद से आग पर काबू पा लिया गया है. सभी यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया. एयरपोर्ट सुरक्षा के एसपी राजकुमार सिलावल ने एएनआई को फोन पर बातचीत में बताया. अधिकारी के अनुसार फ़्लाइट में कुल 278 यात्री और 11 क्रू सदस्य सवार थे. यात्रियों में संयुक्त राष्ट्र के कुछ अधिकारी भी शामिल थे.
सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे एक वीडियो में विमान के दाहिने लैंडिंग गियर में आग लगी हुई दिखाई दे रही है, जिससे धुएं का गुबार उठ रहा है. विमान में सवार यात्रियों को आपातकालीन दरवाजों का इस्तेमाल करके बाहर निकाला गया.इस घटना को लेकर हवाई अड्डे या एयरलाइन कंपनी की ओर से कोई आधिकारिक बयान या घोषणा नहीं की गई है. साथ ही, घटना के पीछे का कारण अभी तक पता नहीं चल पाया है. टर्किश एयरलाइंस के साथ पहले भी त्रिभुवन अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर इसी तरह की घटना हो चुकी है.
साल 2015 में कंपनी का एक विमान लैंडिंग के दौरान संतुलन बिगड़ने से रनवे से फिसल गया था और घास वाले किनारे पर चला गया था. इस वजह से हवाई अड्डे को चार दिनों तक बंद रखना पड़ा था. उस समय की शुरुआती रिपोर्टों से पता चला था कि अंतिम अप्रोच (उतरने की प्रक्रिया) के दौरान फ्लाइट कैप्टन को स्थिति का सही अंदाजा न होने के कारण एयरबस ए330 रनवे की सेंटर लाइन से भटक गया था.
इस्तांबुल से आने वाली इसी कॉल-साइन TK726 वाली फ्लाइट में 224 लोग सवार थे, जब वह काठमांडू के कोहरे से ढके हवाई अड्डे पर रनवे के बाई ओर घास के मैदान में जा घुसी थी. इस घटना में किसी भी यात्री को चोट नहीं लगी, लेकिन सभी यात्रियों को आपातकालीन दरवाजों के जरिए बाहर निकाला गया.

