जन समस्याओं का त्वरित समाधान सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता: मुख्यमंत्री
विकास कार्यों में देरी पर अधिकारियों की तय होगी जिम्मेदारी
चारधाम यात्रा से पहले सभी तैयारियां समय पर पूरी करने के निर्देश
मानसून पूर्व बाढ़ नियंत्रण कार्यों की व्यापक समीक्षा के निर्देश
देहरादून: राज्य के पर्वतीय क्षेत्रों में स्वास्थ्य सुविधाओं को बेहतर बनाने पर विशेष ध्यान दिया जाए। विधायकगणों द्वारा अपने क्षेत्र की जिन समस्याओं को उठाया जा रहा है, अधिकारी उन्हें गंभीरता से लेते हुए प्राथमिकता के आधार पर समाधान करें। जिन योजनाओं का समाधान शीघ्र हो सकता है, यह सुनिश्चित किया जाए कि उनमें अनावश्यक विलंब न हो।
मुख्यमंत्री ने कहा कि जन समस्याओं का समाधान राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। जनप्रतिनिधियों के साथ निरंतर समन्वय बनाए रखते हुए अधिकारी आमजन की समस्याओं का समाधान करें। उन्होंने कहा कि पर्वतीय क्षेत्रों में स्वास्थ्य और शिक्षा पर विशेष ध्यान दिया जाए।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि विधायकगणों द्वारा बैठक में उठाई गई समस्याओं का संबंधित विभागीय सचिव प्राथमिकता के आधार पर समाधान करें। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री घोषणाओं से संबंधित वन विभाग के स्तर पर लंबित प्रकरणों की अलग से समीक्षा की जाए। उन्होंने मुख्य सचिव को निर्देश दिए कि मानसून से पहले वर्षाकाल की चुनौतियों को ध्यान में रखते हुए व्यापक समीक्षा बैठक आयोजित की जाए। बाढ़ नियंत्रण से संबंधित कार्य समय पर पूर्ण किए जाएं।
बैठक में कैबिनेट मंत्री श्री भरत चौधरी, विधायक कर्णप्रयाग श्री अनिल नौटियाल, विधायक थराली श्री भूपाल राम टम्टा, केदारनाथ विधायक श्रीमती आशा नौटियाल, देवप्रयाग विधायक श्री विनोद कंडारी, मुख्य सचिव श्री आनंद बर्द्धन, प्रमुख सचिव श्री आर. मीनाक्षी सुंदरम, सचिव श्री शैलेश बगोली, श्री नितेश झा, श्री दिलीप जावलकर, श्री सचिन कुर्वे, श्री रविनाथ रमन, श्री एस.एन. पांडेय, डॉ. पंकज कुमार पांडेय, डॉ. आर. राजेश कुमार, श्री धीराज गर्ब्याल, विभिन्न विभागों के विभागाध्यक्ष एवं वर्चुअल माध्यम से संबंधित जिलाधिकारी उपस्थित थे।
