देहरादून: उत्तराखंड में मानसून के दस्तक के बाद बारिश का सिलसिला जारी है. खासकर पर्वतीय जिलों में लगातार बारिश हो रही है, तो वहीं मौसम विभाग ने प्रदेश में 10 जुलाई तक बारिश की संभावना जताई है. साथ ही प्रदेश के सभी जिलों में बारिश को लेकर येलो अलर्ट जारी किया है.
खास बात ये कि प्रदेश के तमाम क्षेत्रों में 70 एमएम से ज्यादा बारिश होने की संभावना है. जिसके चलते आपदा प्रबंधन विभाग ने जिलों को अलर्ट जारी कर सावधानी बरतने के निर्देश दिए हैं. वर्तमान स्थिति ये है प्रदेश में लगातार हो रही बारिश के चलते अभी भी 43 सड़कें बाधित हैं.राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र देहरादून के मुताबिक, 7 जुलाई से 10 जुलाई तक प्रदेश के पर्वतीय जिलों से लेकर मैदानी जिलों में कहीं-कहीं भारी बारिश की संभावना है. इसके साथ ही कुछ क्षत्रों में हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है. यही वजह है कि आपदा प्रबंधन विभाग ने प्रदेश के सभी जिलों को अलर्ट जारी कर दिया है.
कुछ क्षेत्रों में 70 एमएम से ज्यादा बारिश की संभावना: मौसम विज्ञान केंद्र ने प्रदेश के कुछ क्षेत्रों में 70 एमएम से ज्यादा बारिश की संभावना है. हालांकि, ये बारिश कुछ दिनों में होगी या कुछ घंटों में होगी, इसकी सटीक जानकारी नहीं है. जिसके चलते जिलों को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए है.दरअसल, चुनौती इसलिए भी है, क्योंकि अगर कुछ घंटे के भीतर 70 एमएम से ज्यादा बारिश होती है, तो सड़कें बाधित होने के साथ ही कमजोर स्ट्रक्चर के टूटने की संभावना बढ़ जाती है. इसके साथ ही संवेदनशील इलाकों में भूस्खलन और चट्टान गिरने के साथ ही कहीं-कहीं नालों और नदियों का जलस्तर बढ़ने एवं निचले इलाकों में जलभराव की समस्या बन सकती है.
वहीं, प्रदेश में मानसून के दस्तक के बाद से ही लागातर सड़कें बाधित हो रही हैं. वर्तमान स्थिति ये है कि प्रदेश में अभी भी 43 सड़कें बंद हैं. राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र के मुताबिक, पीडब्लूडी की 12 सड़कें और पीएमजीएसवाई की 31 सड़कें यानी कुल 43 सड़कें बाधित चल रहे हैं.”उत्तराखंड में अगले कुछ दिनों तक 40 से 70 एमएम तक बारिश होने की संभावना है. हालांकि, जब 24 घंटे पहले पूर्वानुमान जारी किया जाता है, तो ये नहीं पता लगता है कि कितने देर तक बरसात रहेगी, लेकिन अगर बारिश देर तक होती है तो कुछ नुकसान होने की संभावना रहती है.”- विनोद कुमार सुमन, सचिव, आपदा प्रबंधन विभाग
उत्तराखंड या पहाड़ी इलाकों में जाने वाले लोगों से खास अपील: वहीं, सचिव सुमन ने जनता से अपील किया कि जो लोग उत्तराखंड आना चाहते हैं या पर्वतीय क्षेत्रों की यात्रा पर जा रहे हैं, वो बारिश के दौरान यात्रा करने से बचें. क्योंकि, पर्वतीय क्षेत्रों में बारिश के दौरान पत्थर, मलबा गिरने का खतरा बना रहता है. ऐसे में सावधानी बरतने की जरूरत है.इसके साथ ही बागेश्वर, नैनीताल, चमोली, रुद्रप्रयाग, टिहरी और उत्तरकाशी के साथ ही देहरादून व हरिद्वार ने कुछ हिस्से शामिल हैं. जहां पर भारी बारिश की संभावना है. इसके अलावा अन्य जिलों में हल्की से मध्यम बारिश की संभावना है. फिलहाल, मानसून को देखते हुए चारधाम यात्रा के लिए अभी कोई एडवाइजरी जारी नहीं की गई है.
