देहरादून: उत्तराखंड कैबिनेट बैठक में 10 प्रस्तावों पर सहमति बनी है. मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में आहूत मंत्रिमंडल की बैठक में अहम फैसले भी लिए गए. इनमें खास फैसला मदरसों को लेकर रहा. दरअसल, उत्तराखंड अल्पसंख्यक शिक्षा अधिनियम लागू होने के बाद आगामी वित्तीय वर्ष 2027-28 से अरेबिया मदरसों को अनुदान योजना के बजट मानक मद को समाप्त करने का निर्णय लिया गया है. मंत्रिमंडल ने इसे मंजूरी दे दी है.
इसके अलावा विदेश रोजगार प्रकोष्ठ के बेहतर संचालन के लिए पीएमयू गठित करने के साथ ही 7 नए पदों को भी मंजूरी दे दी गई है. वहीं, श्रीनगर में स्कूलों के लिए यह फैसला लिया गया है कि यहां अक्षय पात्र फाउंडेशन स्कूलों में पकाया हुआ खाना भेजेगा. प्रधानमंत्री पोषण योजना के तहत ये कार्य किया जाएगा. श्रीनगर गढ़वाल के 1 से 8वीं क्लास तक के छात्रों को यह मिड डे मील के तहत दिया जाएगा.
नन्ही परी सीमांत प्रौद्योगिकी संस्थान पिथौरागढ़ के मढ़धुरा में निर्माणधीन संस्थान के आस-पास की भूमि संस्थान को ट्रांसफर करने को मिली मंजूरी. इस संस्थान के लिए कुल 14.857 हेक्टेयर भूमि तकनीकी शिक्षा को दी गई है.
उत्तराखंड रिवर राफ्टिंग/क्याकिंग संशोधन नियमावली 2026 को मंजूरी दी गई.पीएम पोषण योजना के तहत अक्षय पात्र फाउंडेशन की ओर से श्रीनगर (पौड़ी) में केंद्रीकृत किचन के जरिए पका पकाया भोजन उपलब्ध कराया जाएगा.उत्तराखंड राज्य भंडारण निगम के नियमित कार्मिकों को सातवें वेतनमान का लाभ दिए जाने को मंजूरी दी गई. जिसमें 68 नियमित कर्मचारियों को लाभ मिलेगा.कुंभ मेला 2027 हरिद्वार की समवर्ती लेखा परीक्षा के लिए पदों का सृजन किए जाने को लेकर मंजूरी मिली.
इसके साथ ही उत्तराखंड वित्त सेवा (संशोधन) नियमावली 2026 को मंजूरी दी गई है. वहीं, वित्त ऑडिट प्रकोष्ठ में दो नए पदों के सृजन को मंजूरी मिली है. साथ ही विदेश रोजगार प्रकोष्ठ के सफल संचालन के लिए पीएमयू गठन के साथ 7 पदों के सृजन को मंजूरी दी गई है. बाबू ग्राम, चौवन बग्गा और बिंदुखत्ता के निवासियों को भूमिधरी अधिकार दिए जाने को लेकर मुख्य सचिव को कमेटी बनाने के निर्देश दिए गए हैं.हालांकि, बैठक का सबसे अहम फैसला मदरसा बोर्ड को लेकर ही रहा. वित्तीय वर्ष 2027-28 से मदरसों के बजट मद को समाप्त करने को लेकर मंत्रिमंडल ने मंजूरी दी है.
