नई दिल्लीः भारत के पड़ोसी देश पाकिस्तान जहां एक तरफ ख़ुद को अमेरिका और ईरान के बीच युद्ध विराम के लिए मध्यस्थ के तौर पर पेश कर रहा है तो वहीं दूसरी ओर पाकिस्तान में तेल की कमी की वजह से पेट्रोल-डीजल की कीमतें उफान मारने लगी हैं. बीती रात पाकिस्तानी सरकार ने देश में पेट्रोल की कीमतों 137 रुपये प्रति लीटर की बड़ी बढ़ोतरी की. इसके साथ ही डीजल की कीमत 184 रुपये प्रति लीटर बढ़ाई, जिसके बाद अब पाकिस्तान में डीजल 520 प्रति लीटर हो गया है और पेट्रोल 458 रुपये प्रति लीटर हो गया है.
पेट्रोल और डीजल की बढ़ी हुई कीमतें आधी रात से लागू हुई हैं, जिसकी वजह से बीती रात 12 बजे से पहले पाकिस्तान के अलग अलग शहरों में पेट्रोल पंप पर गाड़ियों की लाइन लग गईं और लोग महंगे पेट्रोल और डीजल से बचने के लिए अपनी गाड़ी की टंकी फुल करवाने के लिए पेट्रोल पंप पहुंचने लगे. हालांकि कई जगहों पर जहां पेट्रोल पंप के कर्मचारी 12 बजे से पहले पेट्रोल और डीजल भरने को को तैयार नहीं थे, वहां आम नागरिकों ने पेट्रोल पंप कर्मचारियों के साथ मारपीट भी की, जिसकी एक्सक्लूसिव वीडियो और तस्वीरें एबीपी न्यूज के पास हैं.
पाकिस्तान में पेट्रोल की कीमतें बढ़ने के बाद पूरे देश में मंदी की मार पड़ने की संभावना जतायी जा रही है, जिससे ना सिर्फ़ रोजमर्रा के सामान जैसे फल,सब्जी, आटा, दूध, चावल महंगे होंगे, बल्कि उद्योग भी बंद हो सकते हैं. पाकिस्तान की शहबाज शरीफ सरकार के पेट्रोलियम मंत्री अली परवेज मलिक ने पेट्रोल डीजल के दाम बढ़ाने की घोषणा करते हुए कहा कि पाकिस्तानी सरकार को देश में तेल की कीमतें इसलिए बढ़ानी पड़ रही है, क्योंकि मुल्क में संसाधनों की कमी है. यानी उनका इशारा पाकिस्तान में पेट्रोल और डीजल के स्टॉक की कमी पर था.
सबसे बड़ा सवाल ये है कि ईरान ने हर दिन स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से 2 से ज़्यादा पाकिस्तानी झंडों से लैस जहाजों को निकालने की अनुमति दी है. ऐसे में अंदेशा जताया जा रहा है कि पाकिस्तान खाड़ी के देश सऊदी अरब, संयुक्त अरब अमीरात और ओमान से पेट्रोल और डीजल के टैंकर से लैस पाकिस्तानी झंडे वाले जहाजों को ख़ुद के देश की जगह अमेरिका पहुंचा रहा है,
अमेरिका को अपनी कुल तेल की जरूरत का 2 मिलियन बैरल से ज्यादा कच्चा तेल खाड़ी के देशों से रोजाना आयात करना पड़ता है. ऐसे में यह कहना गलत नहीं होगा कि ईरान से मिली हुई हर दिन 2 जहाजों की लिमिट का इस्तेमाल पाकिस्तान अपनी रोजाना की जरूरत का कच्चा तेल ख़ुद के देश में लाने के बजाए अमेरिका पहुंचा रहा है. इसी कारण ख़ुद के देश में तेल की कमी की वजह से आम नागरिकों पर सारा बोझ शहबाज शरीफ की सरकार डाल रही है.
ईरान के साथ अमेरिका और इजरायल की जंग शुरू होने के बाद सबसे पहले पाकिस्तान ने 6 मार्च को पूरे देश में एक साथ पेट्रोल और डीजल पर 55 रुपये प्रति लीटर बढ़ाए थे, जिसके बाद आज फिर से बेतहाशा कीमत बढ़ाने का फैसला पाकिस्तानी हुकूमत ने किया. ऐसे में सिर्फ 28 दिनों में पाकिस्तान की सरकार पेट्रोल पर कुल 192 रुपये और डीजल पर 239 रुपये प्रति लीटर बढ़ा चुकी है. इसी कारण पाकिस्तान की आवाम और विपक्षी नेता भारत के साथ तुलना करके शहबाज शरीफ की सरकार को घेर रहे हैं.
पाकिस्तान की विपक्षी पार्टी पाकिस्तान तहरीक ए इंसाफ़ (PTI) के सांसद मौलाना नसीम शाह ने X पर जनवरी से लेकर अप्रैल तक भारत और पाकिस्तान में पेट्रोल की कीमतों को तुलना करके दिखाया कि कैसे भारत में जनवरी से लेकर अब तक पेट्रोल 95 रुपये प्रति लीटर की दर पर बना हुआ है तो पाकिस्तान में जहां जनवरी में पेट्रोल 253 रुपए प्रति लीटर था तो आज 459 प्रति लीटर हो गया है.
