रुद्रप्रयाग: उत्तराखंड के चारधाम यात्रा में जबरदस्त भीड़ उमड़ रही है. अभी तक 13 लाख 32 हजार से ज्यादा श्रद्धालु चार धाम के दर्शन कर पुण्य कमा चुके हैं. वहीं, आज यानी 14 मई की बात करें तो 71,956 श्रद्धालुओं ने चारधाम के दर्शन किए.
यमुनोत्री धाम में श्रद्धालुओं की संख्या: यमुनोत्री धाम में आज यानी 14 मई को 13,100 श्रद्धालुओं ने मां यमुना के दर पर हाजिरी लगाई. जिसमें 6,588 पुरुष, 6,194 महिला और 318 बच्चे शामिल रहे. इस तरह से अभी तक यमुनोत्री धाम में 2,20,490 श्रद्धालु मां यमुना के दर्शन कर आशीर्वाद ले चुके हैं.
गंगोत्री धाम में श्रद्धालुओं की संख्या: गंगोत्री धाम में आज यानी 14 मई को 1,2599 श्रद्धालुओं ने गंगोत्री धाम पहुंचकर मां गंगा के दर्शन किए. जिसमें 6,866 पुरुष, 5,510 महिला और 223 बच्चे शामिल रहे. ऐसे में अभी तक 2,18,024 श्रद्धालु गंगोत्री धाम पहुंचे चुके हैं. इस तरह से अब तक यमुनोत्री और गंगोत्री धाम में 4,38,514 श्रद्धालु दर्शन कर पुण्य कमा चुके हैं.
केदारनाथ धाम में श्रद्धालुओं की संख्या: केदारनाथ धाम में आज यानी 14 मई को 26,505 श्रद्धालु बाबा केदार के दर पर पहुंचे. जिसमें 13,274 पुरुष, 13,085 महिला और 146 बच्चे भी शामिल रहे. इस तरह से अभी तक 5,50,087 श्रद्धालु हिमालय की गोद में बसे बाबा केदार के दर पर हाजिरी लगा चुके हैं.
बदरीनाथ धाम में श्रद्धालुओं की संख्या: बदरीनाथ धाम में आज यानी 14 मई को 19,752 श्रद्धालुओं ने बदरीनाथ धाम पहुंचकर भू बैकुंठ भगवान बदरी विशाल के दर्शन किए. जिसमें 12,451 पुरुष, 6,786 महिला और 515 बच्चे शामिल रहे. इस तरह से अभी तक बदरीनाथ धाम में 3,43,833 श्रद्धालु दर्शन कर चुके हैं. वहीं, अभी तक चारों धाम में 13,32,434 श्रद्धालु पहुंच चुके हैं.
रुद्रप्रयाग डीएम विशाल मिश्रा ने दी अहम जानकारी: डीएम विशाल मिश्रा ने बताया कि 22 अप्रैल 2026 से शुरू हुई बाबा केदार की यात्रा में महज 22 दिनों के भीतर ही 5 लाख से ज्यादा श्रद्धालु धाम पहुंच चुके हैं. काफी संख्या में पहुंच रहे श्रद्धालुओं के बावजूद यात्रा को सुचारु बनाए रखने के लिए प्रशासन की ओर से यात्रा मार्ग से लेकर धाम तक हर स्तर पर व्यवस्थाएं मजबूत की गई हैं.
60 हजार से ज्यादा श्रद्धालुओं को स्वास्थ्य सेवाएं: डीएम मिश्रा ने बताया कि यात्रा के दौरान स्वास्थ्य सेवाओं को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई है. अब तक 60 हजार से ज्यादा यात्रियों को ओपीडी एवं इमरजेंसी स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराई जा चुकी हैं. जबकि, 51,939 श्रद्धालुओं की मेडिकल स्क्रीनिंग की गई है. गंभीर परिस्थितियों में 26 यात्रियों का हेली से एयरलिफ्ट और 70 श्रद्धालुओं का डंडी-कंडी के जरिए सुरक्षित रेस्क्यू कर हायर सेंटर भेजा जा चुका है.
स्वच्छता मिशन में जुटे 412 पर्यावरण मित्र: यात्रा मार्ग और धाम क्षेत्र में स्वच्छता बनाए रखने के लिए जिला पंचायत, नगर निकायों और सुलभ इंटरनेशनल की टीमें लगातार काम कर रही हैं. पैदल मार्ग पर 412 पर्यावरण मित्र और 30 सुपरवाइजर तैनात किए गए हैं. श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए 350 से ज्यादा शौचालय और 600 से ज्यादा डस्टबिन लगाए गए हैं. प्रशासन अब तक 64 टन से ज्यादा ठोस अपशिष्ट का वैज्ञानिक निस्तारण और रीसाइक्लिंग कर चुका है.
हेली सेवा से 18 हजार से ज्यादा श्रद्धालु पहुंचे धाम: डीएम मिश्रा ने कहा कि हेली सेवाओं में यात्रियों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है. खराब मौसम की स्थिति में सेवाओं को अस्थायी रूप से रोका जाता है और मौसम अनुकूल होने पर ही संचालन शुरू किया जाता है. अब तक 18,840 से ज्यादा श्रद्धालु हेली सेवाओं के माध्यम से केदारनाथ धाम पहुंच चुके हैं.
409 वाहनों के चालान, 11 लाख से ज्यादा का जुर्माना: यात्रा मार्ग पर यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने के लिए पुलिस और परिवहन विभाग की ओर से लगातार चेकिंग अभियान चलाया जा रहा है. अप्रैल महीने में नियमों का उल्लंघन करने वाले 409 वाहनों के चालान किए गए. जबकि, 11.03 लाख रुपए का प्रशमन शुल्क वसूला गया.
180 बिछड़े श्रद्धालुओं को परिवार से मिलाया: पुलिस अधीक्षक नीहारिका तोमर ने बताया कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए यात्रा मार्ग व धाम क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था और ज्यादा सुदृढ़ की गई है. पुलिस की ओर से वाहनों की चेकिंग के साथ यात्रियों के सामान एवं बैगों की भी गहन जांच की जा रही है. ताकि, किसी भी प्रकार की संदिग्ध गतिविधि पर प्रभावी नियंत्रण रखा जा सके.
उन्होंने बताया कि यात्रा मार्ग पर स्थापित 7 खोया-पाया केंद्रों के माध्यम से अब तक 180 श्रद्धालुओं को उनके परिजनों से मिलाया जा चुका है. इसके अलावा 5 खोए हुए मोबाइल फोन, 60 पर्स और बैग भी यात्रियों को वापस लौटाए गए हैं. वहीं, घोड़ा-खच्चरों की भी नियमित जांच हो रही है.

