बीजिंग: चीन ने भारत के एयर डिफेंस सिस्टम को बेअसर करने के लिए आर्टिलरी के इस्तेमाल का वीडियो जारी किया है। इस वीडियो में भारत के S-400 मिसाइल सिस्टम पर हमले की प्रैक्टिस की गई है। इसके लिए चीन ने PCL-191 रॉकेट सिस्टम का इस्तेमाल किया है, जो लक्ष्य के करीब पहुंचने पर हवा में ही फट जाता है, जिससे बड़े क्षेत्र में तबाही मच सकती है। S-400 मिसाइल सिस्टम भारत का सबसे शक्तिशाली एयर डिफेंस है, जिसने पिछले साल मई में ऑपरेशन सिंदूर के दौरान अपनी क्षमता का प्रदर्शन किया था। इसका इस्तेमाल खुद के बचाव के साथ हमलों के लिए भी किया जा सकता है।
भारत के S-400 मिसाइल सिस्टम को नष्ट करने के अभ्यास का वीडियो PLA के वेस्टर्न थिएटर कमांड ने जारी किया है। इसमें PCL-191 मल्टीपल लॉन्च रॉकेट सिस्टम (MLRS) को भारत के S-400 एयर डिफेंस सिस्टम का हिस्सा रहे 92N6E फायर-कंट्रोल रडार को नष्ट करने का अभ्यास करते हुए दिखाया गया है। एक्सरसाइज़ के मुताबिक, रडार स्टेशन को 370mm के हाई-प्रिसिजन गाइडेड रॉकेट से निशाना बनाया गया। इस रॉकेट में ‘एयर-बर्स्ट’ क्षमता है, जिसे एंटीना ऐरे और रडार के खुले हिस्सों को ज्यादा से ज्यादा नुकसान पहुंचाने के लिए डिजाइन किया गया है।
इस तरह का फुटेज जारी करना, संघर्ष के शुरुआती दौर में आधुनिक एयर डिफेंस सिस्टम को बेअसर करने की PLA की क्षमता का प्रदर्शन लगता है। चूंकि भारत के S-400 मिसाइल सिस्टम चीन की सीमा के पास रणनीतिक इलाकों की सुरक्षा करते हैं, इसलिए इस ड्रिल के लिए 92N6E रडार को टारगेट के तौर पर चुनना कोई इत्तेफाक नहीं लगता। चीन लंबे समय से भारत के एयर डिफेंस और फारवर्ड लोकेशन पर हमले का अभ्यास करता रहा है, ताकि हमले के दौरान कोई चूक न हो।
पीसीएल-191 चीन का अत्यधिक उन्नत और लंबी दूरी की मल्टीपल लॉन्च रॉकेट सिस्टम (MLRS) है।पीसीएल-191 को चीन की सरकारी रक्षा कंपनी नोरिनको (Norinco) ने विकसित किया है।यह सिस्टम 350 किलोमीटर तक की रेंज वाले आठ 370 मिमी रॉकेट या 500 किलोमीटर तक मार करने वाली दो 750 मिमी फायर ड्रैगन 480 बैलिस्टिक मिसाइलें दागने में सक्षम है।इसे मुख्य रूप से ताइवान जलडमरूमध्य और भारत-चीन सीमा के समीप तैनात किया गया है।
