वॉशिंगटन: ईरान और अमेरिका में लड़ाई एक बार फिर शुरू हो सकती है। डोनाल्ड ट्रंप ईरान के साथ हो रही बातचीत से निराश हैं और वह अमेरिकी आर्मी को बड़े पैमाने पर हमले का आदेश देने पर विचार कर रहे हैं। सीएनएन ने अपनी एक रिपोर्ट में दावा किया है कि ट्रंप मौजूदा स्थिति से पूरी तरह उकता गए हैं। उनको लग रहा है कि सैन्य हमलों के जरिए ही ईरान को डील करने पर मजबूर किया जा सकता है। ऐसे में वह फिर से लड़ाई शुरू करने की सोच रहे हैं।
सीएनएन ने सूत्रों का हवाला देते हुए बताया है कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप युद्ध खत्म करने के लिए ईरान के बातचीत के तरीके से लगातार निराश हो रहे हैं। अब वे बड़े पैमाने पर सैन्य अभियान फिर से शुरू करने पर गंभीरता से विचार कर रहे हैं। स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के लगातार बंद रहने और ईरानी नेतृत्व के भीतर कथित मतभेदों को लेकर डोनाल्ड अधीर हो रहे हैं।
रिपोर्ट कहती है कि ईरान के साथ चीजों को कैसे आगे बढ़ना है, इस पर ट्रंप प्रशासन के भीतर मतभेद हैं। अमेरिकी अधिकारियों को लगता है कि ईरान ईमानदारी से बातचीत नहीं कर रहा है। ऐसे में कुछ अधिकारी अधिक आक्रामक रुख अपनाते हुए सैन्य हमले करने पर जोर दे रहे हैं। कुछ अधिकारियों का तर्क है कि कूटनीतिक प्रयास जारी रहने चाहिए।
रिपोर्ट में कहा गया है कि डोनाल्ड ट्रंप ने सोमवार को वाइट हाउस में अपनी राष्ट्रीय सुरक्षा टीम के साथ बैठक कर आगे के कदमों पर चर्चा की। इसमें ईरान पर फिर से हमलों के विकल्प पर भी विचार किया गया है। सूत्रों का कहना है कि चीन दौरे से लौटने के बाद डोनाल्ड ट्रंप इस पर अपना रुख साफ कर सकते हैं। ट्रंप 13-15 मई तक चीन दौरे पर हैं।
डोनाल्ड ट्रंप ने बीते कुछ दिनों में लगातार ऐसे बयान दिए हैं, जिससे पता चलता है कि वह ईरान और अमेरिका के बीच बातचीत से खुश नहीं हैं। ट्रंप ने सोमवार को अमेरिकी समझौते पर ईरान की प्रतिक्रिया को ‘कचरे का टुकड़ा’ बताया। उन्होंने कहा कि ईरान का रवैया अच्छा नहीं है और सीजफायर अपनी सबसे कमजोर हालत में और लाइफ सपोर्ट पर है।
ट्रंप ने ईरान के जवाब को खारिज करते हुए कहा था कि मैंने ईरान के तथाकथित प्रतिनिधियों का जवाब पढ़ा है। मुझे यह बिल्कुल पसंद नहीं आया और यह हमें पूरी तरह से अस्वीकार्य है। ईरान के जवाब पर प्रतिक्रिया देने से पहले ट्रंप ने एक पोस्ट में तेहरान पर 50 वर्षों तक अमेरिका के साथ खेलने का आरोप लगाते हुए कहा कि अब वे ऐसा नहीं कर पाएंगे।

