देहरादून। 27 सूत्रीय मांगों को लेकर 10 दिन से आंदोलन कर रहे 4000 हजार डिप्लोमा इंजीनियर्स ने बुधवार से अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू कर दी है। इसमें पेयजल, सिंचाई और जल विद्युत निगम जैसे आवश्यक सेवाओं से जुड़े विभागों के अभियंता भी शामिल हो गए।
उत्तराखंड डिप्लोमा इंजीनियर्स महासंघ के बैनर तले 23 मार्च से आंदोलन शुरू हुआ। महासंघ की अनुशासन समिति ने सख्ती दिखाते हुए प्रदेशभर में निर्माण और रखरखाव कार्य पूरी तरह रुकवा दिए हैं। सबसे ज्यादा असर चारधाम यात्रा तैयारी, जमरानी बांध परियोजना और सौंग बांध परियोजना सहित सीवर, डामरीकरण और राज्य व जिला योजनाओं के तहत चल रहे सभी निर्माण पर पड़ा है।
प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के अंतर्गत सड़क और पुल निर्माण भी पूरी तरह प्रभावित है। देहरादून में भी हालात गंभीर हैं। नंदा की चौकी स्थित टोंस पुल, रेसकोर्स क्षेत्र में निर्माणाधीन आरओबी, दून मेडिकल कालेज के नये भवन, पुलिस और शिक्षा विभाग के निर्माण कार्यों को रोक दिया गया है।
उधर, उत्तराखंड डिप्लोमा इंजीनियर्स महासंघ के प्रांतीय महासचिव इंजीनियर वीरेंद्र सिंह गुसाईं ने स्पष्ट किया कि हड़ताल के दौरान अभियंता की अनुपस्थिति में किए गए किसी भी निर्माण कार्य का न तो मापन किया जाएगा और न ही भुगतान।
