नई दिल्ली। आम आदमी पार्टी ने राज्यसभा सचिवालय को पत्र लिखते हुए सदन में अपने डिप्टी लीडर राघव चड्ढा को उनके पद से हटाने का आग्रह किया है।पार्टी ने अपने पत्र में ये भी कहा है कि राघव चड्ढा को आप के कोटा से बोलने का समय भी न दिया जाए। इसके साथ ही पार्टी ने एक पत्र राज्यसभा सचिवालय को लिखा है, जिसमें राघव चड्ढा की जगह अशोक मित्तल को डिप्टी स्पीकर बनाने का अनुरोध किया है।
अशोक मित्तल पंजाब से आम आदमी पार्टी के सांसद हैं। उनका चयन अप्रैल 2022 में राज्यसभा में हुआ था। तब से ही वह कई संसदीय समितियों के सदस्य रह चुके हैं। इनमें रक्षा समिति, वित्त समिति प्रमुख है। इसके साथ ही उन्हें भारत-अमेरिका संसदीय मैत्री ग्रुप का फरवरी 2026 में सदस्य बनाया गया।
ऑपरेशन सिंदूर के बाद डीएमके सांसद कनीमोझी की अध्यक्षता में रूस, Latvia, स्लोवेनिया, ग्रीस और स्पेन गए ऑल पार्टी डेलिगेशन में भी अशोक मित्तल शामिल थे।राघव चड्ढा भी अप्रैल 2022 से राज्यसभा सांसद हैं। वह बीते काफी समय से अपने द्वारा संसद में उठाए गए आम आदमी के मुद्दों को लेकर चर्चा में बने हुए हैं।
बीते महीने राघव ने पंचायत स्तर पर ‘सरपंच पति’ या ‘पंचायत पति’ के रोल पर चिंता व्यक्त की थी। उनका कहना था कि पंचायत की वह सीट जो महिला सरपंचों के लिए आरक्षित होती है, वहां असली शक्ति तो उनके पतियों या पुरुष रिश्तेदारों के हाथ में होती है। उन्होंने सरकार ने मांग की है कि वह यह सुनिश्चित करें कि महिला प्रतिनिधि, संविधान के 73वें संशोधन में दिए गए उनके अधिकारों का सही उपयोग कर सकें।
राघव चड्ढा ने मेंस्ट्रल हाइजीन का मुद्दा भी संसद में उठाया था। इस मामले में उन्होंने कहा कि यह स्वास्थ्य, शिक्षा और समानता का विषय जो भारत की 35 करोड़ से अधिक महिलाओं और लड़कियों को प्रभावित करता है।
चड्ढा ने कहा कि अगर लड़कियां सिर्फ इसलिए स्कूल छोड़ती हैं कि वहां सैनिटरी पैड्स, पानी और प्राइवेसी नहीं है तो यह उसकी निजी नहीं बल्कि सामाजिक विफलता है। उन्होंने कहा, समाज ने एक जैविक फैक्ट को सामाजिक टैबू में बदल दिया है।
बीते साल के अंतिम महीनों में और इस साल के शुरुआत में राघव गिग वर्कर्स के प्रदर्शन से भी जुड़े। उनकी तकलीफों को अच्छे से समझने के लिए राघव ने एक पूरा दिन गिग वर्कर बनकर उनके साथ ही बिताया।
