हरिद्वार: हरिद्वार-देहरादून राजमार्ग पर बीती रात रायवाला के पास मोतीचूर फ्लाईओवर पर 6 वाहन आपस में टकरा गए. टकराई गाड़ियों में सीएनजी (Compressed Natural Gas) वाली कार में आग लग गई. इससे हादसे ने बड़ा रूप ले लिया. ट्रैक्टर ट्रॉली में सवार एक महिला की मौत हो गई. दुर्घटना के बाद कई किलोमीटर दूर तक जाम लग गया. इस हादसे ने एक परिवार को उजाड़ दिया.
मोतीचूर फ्लाईओवर पर हुए हादसे में जिस महिला की मौत हुई है उसके पति दोनों हाथों से दिव्यांग हैं. इस दंपति के 3 बच्चे हैं. नन्हें बच्चों के सामने अब बड़ा संकट आ गया है. एक तो हादसे ने उनकी मां को छीन लिया.
दूसरा पिता काम करने से लाचार हैं. परिवार में मातम है और बच्चों का रो रोकर बुरा हाल है. जिला अस्पताल में इलाज कराने पहुंची कुसुम की सास रानी देवी ने बताया कि कुसुम के पति सचिन पहले से ही दोनों हाथों से दिव्यांग हैं. वो किसी प्रकार का काम करने में असमर्थ हैं.
कुसुम ही मेहनत मजदूरी करके परिवार का पालन पोषण कर रहीं थी. कुसुम मजदूरी कर घर का खर्च चलाती थी. बस की टक्कर से कुसुम ट्रैक्टर ट्रॉली से छिटककर बड़े ट्रॉले के टायर के नीचे दब गई. जब उसे बाहर निकाला गया तो उसका शव क्षत विक्षत पाया गया. आग बुझाने के बाद रात को ही पुलिस ने शव को कब्जे में लिया और पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल पहुंचाया.
इस बीच परिवार के सभी सदस्य भी जिला अस्पताल पहुंचे. जिला अस्पताल में मां के शव को देख कुसुम के बच्चे रोने बिलखने लगे. कुसुम की बड़ी बेटी सोनिया रोती रही और बार बार कहती रही कि मां तुम तो चली गई, अब हमारा क्या होगा. यह देख मौके पर अन्य लोगों की आंखें नम हो गईं.
बीते रविवार रात 21.18 बजे के लगभग 112 के माध्यम के कोतवाली रायवाला को सूचना प्राप्त हुई कि होटल गोडविन के सामने मोतीचूर फ्लाईओवर के ऊपर रायवाला से हरिद्वार की ओर उत्तराखंड रोडवेज की बस और टैक्टर ट्रॉली की टक्कर हो गयी है. पीछे से आ रही स्कार्पियो एन कार भी टकरा गई. टक्कर लगने से स्कॉर्पियो एन कार में आग लग गयी. हादसे में पांच वाहन आग की चपेट में आने से क्षतिग्रस्त हो गए.
स्कॉर्पियो के सीएनजी सिलेंडर से आग फैल गई. हादसे में एक 30 वर्षीय महिला कुसुम पत्नी सचिन निवासी भोगपुर नजीबाबाद, जिला बिजनौर उत्तर प्रदेश ट्रॉले के टायरों के नीचे दब गई और मौके पर ही उसकी मौत हो गई. हादसे में 15 लोग घायल हो गए. ये 32 लोग एक ही कुनबे से हैं जो देहरादून में झंडे जी का मेला देखने गए थे. रात को सभी हरिद्वार आ रहे थे और हरिद्वार में उनका गंगा स्नान करने का प्लान था. लेकिन मोतीचूर फ्लाईओवर पर ही पूरा कुनबा हादसे का शिकार हो गया.
इस हादसे में वैसे तो पुलिस ने कुसुम नाम की महिला की मौत की पुष्टि की है, लेकिन घायलों की संख्या पंद्रह है. हादसे के बाद का मंजर लोगों से देखा नहीं गया. दूर दूर तक फैली आग की लपटें के बीच हर कोई अपनी जान बचाने के लिए भागता नजर आया. हादसे में करीब छह बच्चे भी घायल हुए हैं. घायलों में एक दो महीने की बच्ची भी शामिल है.
पूरे परिवार ने सोचा भी नहीं होगा कि झंडे जी के मेले में घूमकर वो रास्ते में इस अनहोनी का शिकार हो जाएंगे. इस हादसे ने सबसे बड़ा दुख कुसुम के परिवार को पहुंचाया है. तीन बच्चों के पिता पहले से दिव्यांग हैं. अब मां का साया भी सर से उठ गया है.
हरिद्वार के एसपी सिटी ने बताया कि उत्तराखंड परिवहन निगम की बस ने ट्रैक्टर ट्रॉली पर पीछे से टक्कर मार दी. इसके बाद एक के बाद एक 6 वाहन टकरा गए. इस दौरान सीएनजी वाली एक कार में आग लग गई. ट्रैक्टर ट्रॉली ऋषिकेश से हरिद्वार की ओर रही थी. उसके पीछे अन्य वाहन चल रहे थे.
ट्रैक्टर ट्रॉली ने टर्न लेने के दौरान स्पीड कम की, तभी पीछे से आ रही तेज रफ्तार उत्तराखंड रोडवेज की बस ने उसे टक्कर मार दी. इसके बाद पीछे आ रही कार, कैंटर और स्कार्पियो वाहन आपस में टकरा गए. टक्कर इतनी भीषण थी कि बस और कार में आग लग गई. कार की सीएनजी किट में आग लगने से हालात बेकाबू हो गया और आग ज्यादा फैल गई.
