ग्वालियर। देवगुरु बृहस्पति के तीन माह पूर्व वक्री होने से कई राशि के जातक परेशान थे, उन्हें भाग्य का साथ नहीं मिल रहा था। करियर में रुकावट और धन-संपत्ति कार्य में रुकावट आ रही थीं। परिश्रम के अनुरूप परिणाम नहीं मिल रहा था, उन लोगों के लिए मार्च माह राहत लेकर आएगा, क्योंकि देव गुरु 11 मार्च बुधवार को मार्गी हो जाएंगे और परिश्रम के अनुसार फल प्रदान करने लगेंगे।
ज्योतिषाचार्य सुनील चोपड़ा ने बताया कि बृहस्पति पिछले वर्ष 11 नवंबर 2025 को कर्क राशि में वक्री हुए थे और पांच दिसंबर 2025 को वक्री अवस्था में मिथुन राशि में प्रवेश कर गए थे। अब 11 मार्च को सुबह नौ बजकर एक मिनट पर मार्गी हो जाएंगे।
गुरु (बृहस्पति) के वक्री (वक्री=उल्टा) होने पर भाग्य, ज्ञान और शिक्षा पर गहरा असर पड़ता है। यह समय आत्म-चिंतन, पुराने कार्यों की समीक्षा और जीवन में पुनर्विचार करने का होता है, जिससे करियर में रुकावट और निर्णय में देरी होती है। गुरु के मार्गी (सीधी चाल) होने से रुके हुए कार्य, शिक्षा, विवाह और करियर में तेजी से सकारात्मक प्रगति होती है। यह स्थिति भाग्य को मजबूत करती है, धन लाभ के अवसर बढ़ाती है और निर्णयों में स्पष्टता लाती है। 11 मार्च 2026 को होने वाले इस गोचर से कई राशियों के लिए रुका हुआ धन वापस आ सकता है और मान-सम्मान में वृद्धि होगी।
