नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज कहा कि देश में इथेनॉल का उत्पादन बढ़ने से कच्चे तेल के आयात पर निर्भरता कम हुई है और विदेशी मुद्रा की भारी बचत हुई है। उन्होंने कहा कि देश में इथेनॉल का उत्पादन नहीं बढ़ता और पेट्रोल में उसकी ब्लेंडिग नहीं बढ़ती तो सालाना चार करोड़ बैरल अतिरिक्त कच्चे तेल विदेशों से मंगाना पड़ता। किसानों की मेहनत से देश को इस संकट की घड़ी में राहत मिली है। ईरान संकट के कारण दुनिया में कच्चे तेल की कीमत में भारी तेजी आई है।
मोदी ने दिल्ली के करीब जेवर में नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के उद्घाटन के बाद कहा, ‘आपके गन्ने से जो इथेनॉल बनाया गया है, उससे कच्चे तेल पर देश की निर्भरता कम हुई है। अगर एथेनॉल का उत्पादन न बढ़ता, पेट्रोल में उसकी ब्लेंडिंग ने बढ़ती तो देश को हर साल साढ़े चार करोड़ बैरल यानी करीब 700 करोड़ लीटर कच्चा तेल विदेशों से मंगवाना पड़ता। किसानों के परिश्रम ने देश को संकट में इतनी बड़ी राहत दी है।’
प्रधानमंत्री ने साथ ही कहा कि इथेनॉल से देश के साथ-साथ किसानों को भी फायदा हुआ है। इससे करीब 1.5 लाख करोड़ रुपये की विदेशी मुद्रा बची है। इथेनॉल न बनाते तो यह पैसा विदेश जाना तय था। बीते वर्षों में इतना सारा पैसा देश के गन्ना किसानों को मिला है। उन्होंने साथ ही नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के लिए जमीन देने वाले किसानों को धन्यवाद दिया। 7,200 एकड़ में विकसित किया जा रहा नोएडा एयरपोर्ट चार चरणों में पूरा होने के बाद देश का सबसे बड़ा एयरपोर्ट होगा।
प्रधानमंत्री ने साथ ही ईरान युद्ध का जिक्र करते हुए कहा कि इससे पैदा हुए संकटों का समाधान करने के लिए देशवासियों को संयम और धैर्य के साथ मिलजुलकर काम करने की जरूरत है। उन्होंने कहा , ‘यह पूरे विश्व में परेशानी पैदा करने वाला संकट है। मैं राजनीतिक दलों का भी आह्वान करना चाहता हूं कि वे ऐसी बातें करने से बचें जो देश के लिए नुकसानदायक हैं। जो भारत के हित में है, वही भारत सरकार की नीति और रणनीति है।
