देहरादून: चारधाम यात्रा के दौरान हेलीकॉप्टर सेवा लेने वाले श्रद्धालु सबसे ज्यादा ठगों के निशाने पर हैं. साइबर अपराधी, सरकारी और अधिकृत कंपनियों से मिलते-जुलते नामों की फर्जी वेबसाइट तैयार कर रहे हैं, जिन पर सीटें हमेशा उपलब्ध दिखाई जाती हैं.
सर्च इंजन में इन वेबसाइट्स को ऊपर दिखाने के लिए तकनीकी तरीकों का इस्तेमाल किया जा रहा है, जिससे आम लोग असली और नकली में फर्क नहीं कर पाते और ठगी का शिकार हो जाते हैं. सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म फेसबुक पर हेलीकॉप्टर सेवा देने वाली कंपनी के नाम पर एक फर्जी अकाउंट सामने आया है. इस अकाउंट के जरिए चारधाम यात्रा पैकेज के नाम पर लोगों को ठगने की कोशिश की जा रही थी. जांच में पता चला है कि यह फर्जी अकाउंट बिहार से ऑपरेट किया जा रहा है. साइबर पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और संबंधित नेटवर्क को ट्रेस किया जा रहा है.
हेलीकॉप्टर बुकिंग के अलावा ठग, होटल बुकिंग और यात्रा पंजीकरण के नाम पर भी लोगों को ठग रहे हैं. सोशल मीडिया और वेबसाइट्स के जरिए आकर्षक ऑफर देकर लोगों से पैसे ऐंठे जा रहे हैं. सबसे अहम बात यह है कि चारधाम यात्रा का पंजीकरण पूरी तरह निःशुल्क होता है. लेकिन ठग इसके नाम पर शुल्क वसूल रहे हैं. कई श्रद्धालु बिना सत्यापन किए इन ऑफर्स पर भरोसा कर लेते हैं और आर्थिक नुकसान उठाते हैं. यात्रा के दौरान पंजीकरण विंडो पर दबाव बढ़ने पर कुछ टूर एंड ट्रैवल एजेंट भी फर्जी पंजीकरण देने लगते हैं. ऐसे मामलों में यात्रियों को यात्रा के दौरान भारी परेशानी झेलनी पड़ती है. चारधाम यात्रा 2025 के दौरान भी इस तरह के कई मामले सामने आए थे, जिनमें कई एजेंटों को गिरफ्तार किया गया था.
साइबर ठग इंटरनेट पर फर्जी कस्टमर केयर नंबर डालकर उन्हें आधिकारिक हेल्पलाइन के रूप में पेश कर रहे हैं. इन नंबरों पर कॉल करने पर लोगों को झूठी जानकारी देकर बुकिंग के नाम पर पैसे ट्रांसफर करवाए जाते हैं. ठग सीमित सीट और विशेष छूट का लालच देकर लोगों पर जल्दबाजी का दबाव बनाते हैं, जिससे लोग बिना जांच किए भुगतान कर देते हैं.उत्तराखंड साइबर पुलिस और स्पेशल टास्ट फोर्स (एसटीएफ) ने इंडियन साइबर क्राइम कोऑर्डिनेशन सेंटर के साथ मिलकर फर्जी वेबसाइट्स और ऑनलाइन ठगी के नेटवर्क पर निगरानी बढ़ा दी है. संदिग्ध वेबसाइट्स और सोशल मीडिया अकाउंट्स की पहचान कर उन्हें ब्लॉक करने और आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है.
साइबर पुलिस ने श्रद्धालुओं के लिए एडवाइजरी जारी करते हुए कहा है कि केवल आधिकारिक वेबसाइट पर ही पंजीकरण और बुकिंग करें. किसी भी ऑफर या लिंक पर क्लिक करने से पहले उसकी जांच करें. सोशल मीडिया विज्ञापनों पर आंख बंद कर भरोसा न करें. किसी भी अनजान खाते में पैसे ट्रांसफर न करें.एएसपी साइबर क्राइम कुश मिश्रा ने बताया कि चारधाम यात्रा के दौरान मुख्य रूप से तीन तरह के साइबर फ्रॉड सामने आते हैं. फर्जी हेलीकॉप्टर बुकिंग, होटल बुकिंग और यात्रा पंजीकरण. लेकिन साइबर ठग इसे कमाई का जरिया बनाने में लगे हैं. ऐसे में जरूरी है कि श्रद्धालु सतर्क रहें और केवल आधिकारिक माध्यमों का ही उपयोग करें, ताकि उनकी यात्रा सुरक्षित और सफल हो सके.
19 अप्रैल से चारधाम यात्रा शुरू होगी. इसके लिए 6 मार्च से ऑनलाइन पंजीकरण प्रक्रिया शुरू हो चुकी है. पंजीकरण के लिए कोई शुल्क नहीं देना होगा. 19 अप्रैल को यमुनोत्री और गंगोत्री धाम के कपाट खुलेंगे. 22 अप्रैल को केदारनाथ धाम के कपाट खुलेंगे. जबकि 23 अप्रैल को बदरीनाथ धाम के कपाट दर्शनार्थियों के लिए खोले जाएंगे. 17 अप्रैल से ऑफलाइन रजिस्ट्रेशन शुरू होंगे.ऑफलाइन रजिस्ट्रेशश के लिए 50 काउंटर स्थापित किए जाएंगे. हरिद्वार, ऋषिकेश, देहरादून, देवप्रयाग, रुद्रप्रयाग और चमोली में काउंटर बनाए जाएंगे. चारधाम यात्रा के लिए 1,800 बसों का संचालन किया जाएगा.
